पीलीभीत/बरखेड़ा। बजाज हिंदुस्थान चीनी मिली के गेट पर 50 घंटे से धरने पर बैठे किसानों के आगे आखिरकार चीनी मिल प्रशासन को झुकना पड़ा। मिल प्रबंधकों ने 15 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया, जबकि तीन दिन में 15 करोड़ रुपये और देने का वादा किया है। सात फरवरी तक पिछले साल का बचा हुआ पूरा बकाया अदा करने का वादा किया। इसके बाद धरना-प्रदर्शन खत्म कर दिया। पुलिस ने यार्ड से तंबू को हटवा दिया।
बरखेड़ा की बजाज हिंदुस्थान चीनी मिल पर किसानों का पिछले साल का 83 करोड़ रुपये बकाया था। भुगतान की मांग को लेकर सोमवार दोपहर गन्ना लेकर आए किसानों ने यार्ड में विरोध करते हुए चीनी मिल में तौल बंद करा दी थी। इसके बाद गन्ने के अभाव में चीनी मिल भी बंद हो गई। बुधवार को सैकड़ों किसान धरनास्थल पर एकत्रित हो गए।
डीएम के आदेश पर जिला गन्नाधिकारी जितेंद्र मिश्रा, एसडीएम बीसलपुर, सीओ और चीनी मिल पहुंचे और धरना दे रहे किसानों में से सात को वार्ता के लिए बुलाया गया। इनमें भाजपा नेता कमलेश गंगवार, राजेश गंगवार, हेमंत गंगवार, कंधईलाल, शिवचरन लाल, दिगंबर दयाल, माखनलाल गंगवार शामिल थे।
करीब दो घंटे तक अधिकारियों, चीनी मिल प्रबंधन तंत्र की किसान नेताओं के साथ बातचीत हुई। चीनी मिल अधिकारियों ने 15 करोड़ रुपये तत्काल भुगतान की बात कही व तीसरे दिन 15 करोड़ रुपये और देने को कहा। शेष बचा भुगतान सात फरवरी तक करने का वादा किया। इस पर किसान नेता मान गए और धरना खत्म करा दिया गया।
इसके बाद पुलिस ने मौके से तंबू को हटवा दिया। प्रदर्शन कर रहे किसान भी मिल परिसर से बाहर चले गए हैं। सेंटर पर गन्ना तौल शुरू करा दी गई। इधर समझौते को लेकर कुछ किसानों में अभी विरोध के सुर देखे जा रहे हैं। कुछ किसानों ने चेतावनी दी है कि वह बृहस्पतिवार से अलग से धरना देंगे।
राज्यमंत्री बोले- किसान बहकावे में न आएं, फरवरी तक हर हाल में होगा पूरा भुगतान,
गन्ना विकास एवं चीनी मिल राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार का कहना है कि किसानों की आड़ में कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं। किसान बहकावे में न आएं। फरवरी तक हर हाल में पूरा भुगतान करा दिया जाएगा। अब तक भुगतान क्यों नहीं हुआ के सवाल पर राज्यमंत्री ने कहा कि महज बजाज को छोड़कर सभी चीनी मिलों की भुगतान की स्थिति उनके कार्यकाल में सुधरी है।
पीलीभीत ही नहीं, आसपास के जिलों में भी देख लें। बताया- मां की तबियत खराब होने के कारण लखनऊ में हूं, इसलिए धरना स्थल पर नहीं पहुंच सका। अधिकारियों को बरखेड़ा चीनी मिल भेजकर किसानों से बातचीत करने को कहा। राज्यमंत्री का दावा है कि उन्होंने अधिकारियों को भेजकर मिल प्रबंधन पर दबाव बनाकर किसानों को भुगतान कराया है।
बजाज चीनी मिल ने भुगतान शुरू कर दिया है। बातचीत के बाद किसानों का धरना समाप्त करा दिया गया है। चीनी मिल को शुरू करा दिया गया है। - प्रवीण कुमार लक्षकार, डीएम
वार्ता के बाद किसानों को समझाती पुलिस। संवाद- फोटो : PILIBHIT
धरना समाप्त होने के बाद बरखेड़ा चीनी मिल पर उतारा जा रहा टेंट। संवाद- फोटो : PILIBHIT