शेड्यूल बदले जाने से क्षुब्ध मोहल्ला ग्यासपुर के उपभोक्ताओं ने सोमवार को बिजली उपकेंद्र परिसर में प्रदर्शन किया। बाद में तोड़फोड़ कर अपना गुस्सा उतारा।
मोहल्ला ग्यासपुर के तमाम उपभोक्ता सोमवार को बिजली का शेड्यूल बदलवाने की मांग को लेकर उपकेंद्र पहुंचे। उपभोक्ता एसडीओ और जेई से मिलना चाहते थे। मगर अधिकारियों के बिलसंडा चले जाने से क्षुब्ध लोगों ने पहले विभाग के विरोध में प्रदर्शन किया। बाद में तोड़फोड़ शुरू कर दी। यह देख वहां मौजूद कर्मचारी वहां से खिसक लिए। नाराज लोगों ने बिजली उपकेंद्र की किवाड़ें, खिड़कियां, शीशे तोड़ दिए और अभिलेख फाड़ दिए।
करीब आधा घंटे तक तोड़फोड़ करने के बाद उपभोक्ता चले गए। कर्मचारियों से सूचना मिलते ही एसडीओ और जेई बिजली उपकेंद्र पहुंचे। एसडीओ मुनीश कुमार अरविंद ने बताया कि इस समय आधी रात से सुबह छह बजे तक का शेड्यूल है। उपभोक्ता शाम छह बजे से रात 12 बजे तक का शेड्यूल कराने की मांग कर रहे थे, जो उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। एसडीओ ने बताया कि उपभोक्ताओं द्वारा की गई तोड़फोड़ की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। तोड़फोड़ करने वाले उपभोक्ताओं की सूची तैयार की जा रही है। मंगलवार को कोतवाली में उनके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करा दी जाएगी। एसडीओ के अनुसार तोड़फोड़ करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 40 से 50 तक है।
भाकियू ने समस्याओं को लेकर दिया दस सूत्रीय ज्ञापन
पूरनपुर। भाकियू कार्यकर्ताओं ने खराब बिजली सप्लाई सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित दस सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम कार्यालय में दिया। ज्ञापन में समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की मांग की गई।
ज्ञापन में खराब बिजली सप्लाई से किसान फसलों की सिंचाई न होने, पिछले साल किए गए बिजली कनेक्शनों के बिल आना शुरू न होने पर रोष व्यक्त किया गया। ज्ञापन में 16 से 18 घंटे बिजली सप्लाई दिलवाने, रमनगरा विद्युत उपकेंद्र शुरू कराने, किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने, धान की फसल की बिक्री न होने तक सभी प्रकार की वसूली पर रोक लगवाने, धान खरीद सरकारी खरीद केंद्रों पर ही कराने, पिछले साल किए गए बिजली कनेक्शनों के बिल दिलवाने, घरेलू बिजली बिलों पर की गई बढोत्तरी को वापस कराने, माधोटांडा, कलीनगर वाया पीलीभीत रोड का निर्माण कराने, जंगल से किनारे के किसानों को जलौनी लकड़ी दिलवाने आदि की मांग की गई।
ज्ञापन देने वालों में रामकुमार भोजवाल, जगदेव शुक्ला, सुल्तान खां, दन्नू लाल राठौर, बालकराम, वलवीर सिंह, नरेंद्र सिंह खैरा, स्वराज सिंह, नरेंद्र सिंह खैरा आदि थे।