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शिक्षामित्रों ने की सामूहिक इच्छा मृत्यु की मांग

Mon, 14 Sep 2015 10:44 PM IST
Pilibhit
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हाईकोर्ट के फैसले से आहत जिले भर के समायोजित शिक्षक व शिक्षामित्र सोमवार को नेहरू पार्क में एकत्र हुए। यहां आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन व प्राथमिक शिक्षामित्र शिक्षक संघ की संयुक्त रूप से हुई बैठक में हाईकोर्ट के फैसले को निराशाजनक बताया गया। शिक्षामित्रों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर सामूहिक इच्छा मृत्यु देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान एक शिक्षिका की हालत बिगड़ गई। इधर समायोजित शिक्षकों के विद्यालयों में न पहुंचने के चलते कई स्कूल बंद रहने से सत्र परीक्षाएं भी नहीं कराई जा सकी।
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सभा को संबोधित करते हुए आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के प्रांतीय महामंत्री विश्वनाथ कुशवाहा ने कहा कि शिक्षामित्र संगठनों ने हमारे खिलाफ दायर सभी याचिकाओं पर मजबूती से पक्ष रखा, लेकिन हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों के विरुद्ध जो फैसला सुनाया है वह पुर्नविचार योग्य है। हाईकोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों की 15 वर्षों की कर्तव्यनिष्ठा को दरकिनार किया है। फैसला जनहित के खिलाफ है। इसके विरुद्ध सर्वोच्च अदालत में याचिका दाखिल की जाएगी। कहा कि सभी धैर्य व संयम बनाए रखें, जीत हमारी होगी। प्रांतीय उपाध्यक्ष तीर्थदेव शर्मा ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले से आहत होकर कुछ शिक्षक आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हुए हैं। यह निर्णय मुख्य न्यायाधीश व सरकार के आपसी संघर्ष का परिणाम है। जिलाध्यक्ष महेंद्रपाल वर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार हमारे साथ है। उन्होंने सभी से 15 सितंबर को अपने अपने बीआरसी पर पहुंचने की बात कही। बैठक में दौरान प्राथमिक विद्यालय जसौली में तैनात समायोजित शिक्षका सुमनबाला अचानक बेहोश हो गई। आननफानन में शिक्षिका को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। इससे शिक्षामित्रों में हड़कंप मच गया। इस दौरान नेहरू पार्क में पहुंचे एसडीएम सदर सुरेंद्र बहादुर को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, राज्यपाल व डीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपकर सभी 1854 शिक्षामित्रों को सामूहिक इच्छामृत्यु देने की मांग की। ज्ञापन में हाईकोर्ट के जज डॉ. डीवाई चंद्रचूड़ पर द्वेषपूर्ण रवैया अपनाते हुए समायोजन प्रक्रिया को खारिज करने की बात कही। प्राथमिक शिक्षामित्र शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राम सिंह राठौर, दिलनवाज खान, प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व ब्लाक मंत्री संतोष पासवान, चंद्रमोहन गंगवार, पवित्रानंदन, अमरदीप, अमरदीप, सुरेश राठौर, हरिओम पांडेय, वीर सिंह गंगवार, नरोत्तम सिंह, राधाकृष्ण कुशवाहा ने भी विचार रखे। इस मौके पर रामनरेश पांडेय, पंकज शुक्ला, कंचन, पूनम, अनिल, शिवओम, अनिल चौहान आदि मौजूद रहे।

बंद रहे जिले के कई स्कूल, नहीं हो सकी परीक्षा
जिले भर के कई स्कूलों में समायोजित शिक्षकों को विद्यालय की जिम्मेदारी दी गई है। सोमवार को समायोजित शिक्षकों के स्कूल न पहुंचने के कारण पूरनपुर, बिलसंडा, मरौरी, शारदापार समेत अन्य ब्लाकों के विद्यालय बंद रहे। जिस कारण सोमवार से शुरू होने वाली परीक्षाएं भी शुरू नहीं कराई जा सकी। बीएसए अंबरीष कुमार यादव ने बताया कि स्कूल बंद होने की जानकारी नहीं है। इसको लेकर पूर्व में ही सभी बीईओ को निर्देशित किया जा चुका है। जहां परीक्षाएं नहीं हुई, वहां बाद में कराई जाएगी।
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पूरनपुर। ब्लाक क्षेत्र मेें शिक्षकों की कमी के चलते करीब सौ स्कूलों में समायोजित शिक्षकों को चार्ज दिया गया है। सोमवार को तहसील क्षेत्र के अधिकांश शिक्षकों व शिक्षामित्रों के जिला मुख्यालय रवाना होने के कारण कीरतपुर, सुखदासपुर द्वितीय, महादिया, नई बस्ती, सिमरिया, लुकटिहाई, मटेहना, सुंदरपुर सहित कई स्कूलों में ताले लटकते रहे। इससे सोमवार से शुरू होने वाली सत्र परीक्षाएं नहीं हो सकी। बीईओ विनोद कुमार गंगवार ने बताया कि स्कूल बंद न हो। इसकी व्यवस्था पहले ही करा दी गई थी। जिन स्कूलों में सत्र परीक्षा शुरू नहीं हो सकी। उनमें बाद में सत्र परीक्षा करा दी जाएगी।
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