सूक्ष्म उद्यम एवं आजीविका संवर्धन के तहत स्वयं सहायता समूह के प्रतिनिधियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ। जिला विकास अधिकारी एक सिंह चंद्रौल ने प्रतिनिधियों से समूह को सामूहिक रूप से काम शुरू कर समाज में आगे बढ़ने यानी तरक्की का सशक्त माध्यम बताया।
जिला प्रशिक्षण केंद्र में आईडब्ल्यूएमपी योजना के तहत शुरू हुए प्रशिक्षण का शुभारंभ डीडीओ ने दीप जलाकर किया। उन्होंने कहा कि समूह ऐसे कार्यों का चुनाव करें जिसके लिए कच्चा माल मिल सके। साथ ही तैयार माल की बिक्री की व्यवस्था हो। उन्होंने बताया कोई काम बड़ा या छोटा नहीं होता। जीवन में कामयाब होने के लिए काम करने की दृढ़ इच्छा शक्ति जरूरी है। इससे पूर्व कृषि विज्ञान केंद्र की डॉ. रीना सेठी ने फल, सब्जी को संरक्षित कर जैम, जैली मुरब्बा, पापड़, टोमेटो सूप, केचप, आचार आदि बनाकर की सलाह देकर समूह सदस्यों को इसे बनाने के तरीके और बिक्री आदि करने के तरीके समझाए। भगवती महिला स्वयं सहायता की संचालिका बविता सक्सेना ने समूह सदस्यों विशेष कर महिलाओं के समक्ष खुद का उदाहरण रखकर आगे बढ़ने की अपील की और समूहों द्वारा किए जाने वाले कार्यों की जानकारी दी। जिला प्रशिक्षण अधिकारी रामेश्वर प्रसाद ने प्रशिक्षण में तीन दिन चलने वाले गतिविधियों की जानकारी दी। इस मौके पर परियोजना अर्थशास्त्री जेसी जोशी, रिटायर्ड एडीओ यशवंत कुमार सक्सेना, प्रशिक्षक कंचन कुमार, प्रदीप कुमार, शिल्पी खरे, महेंद्र कुमार सहित कई लोग थे।