इंडो नेपाल सीमा के समीप भूमाफियाओं द्वारा वमनी नदी का रुख मोड़ने का मामला सही पाया गया है। राजस्वकर्मियों ने पुलिस की मौजूदगी में खोदे गए भाग को मिट्टी से पटवा दिया। मामले की रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी जाएगी। पुलिस ने एक ट्रैक्टर समेत दो लोगों को हिरासत में लिया है।
वर्ष 1989 में शारदा और वमनी नदी की बाढ़ से गुन्हान की आबादी का क्षेत्र और कृषि भूमि नदी की भेंट चढ़ गए थे। बेघर हुए ग्रामीण शारदा डैम के वर्जित क्षेत्र में अस्थाई झोपड़ियां डालकर रहने लगे। इसके बाद नदी ने पुन: कृषि भूमि छोड़ना शुरू कर दी तो गुन्हान के ग्रामीण यहां पुन: खेती करने लगे। बताते हैं कि कुछ भूमाफियाओं ने 1.60 लाख रुपये में 16 एकड़ भूमि कब्जे में ले ली। इन्हीं भूमाफिया ने अधिक भूमि हथियाने के उद्देश्य से वमनी नदी का रुख मोड़ने को करीब पखवाड़ा भर पूर्व जेसीबी मशीन से खुदाई शुरू कराई थी। उधर, यह मामला प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद खुफिया विभाग ने भी इसकी रिपोर्ट भेजी थी।
एसडीएम के निर्देश पर शनिवार को राजस्व निरीक्षक ब्रजेंद्र राना, लेखपाल पूरन सिंह रमनगरा पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। जांच में राजस्वकर्मियों ने मौके पर नदी का रुख मोड़ना पाया। राजस्वकर्मियों ने मनरेगा श्रमिकों की मदद से खोदे गए भाग को मिट्टी से पटवा दिया। राजस्वकर्मियों और पुलिस ने ग्रामीणों से भूमाफिया के नाम और पते के बाबत जानकारी की। बताते हैं कि कुछ लोगों ने दो भूमाफिया के नाम भी बताए। इस दौरान पुलिस ने एक ट्रैक्टर और दो लोगों को भी हिरासत में लिया है।
राजस्व निरीक्षक ने बताया कि नेपाल सीमा से सटे गुन्हान की गाटा संख्या चार मिन में वमनी का रुख मोड़ने का प्रयास किया गया है और गाटा संख्या 4, 5 व 17 तक नदी को मोड़ने की कोशिश की गई है। उन्होंने बताया कि मामले की रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी जाएगी।