बीएम सिंह बोले, किसानों को लूटने वाले को बना दिया मुख्य सचिव
राकिमपा का शहर में हुआ बरखेड़ा विधानसभा स्तरीय सम्मेलन
राष्ट्रीय किसान मजदूर पार्टी के बरखेड़ा विधानसभा स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष वीएम सिंह ने कहा कि मौजूदा सियासी पार्टियां किसानों को लूटकर पूंजीपतियों की जेबे भर रही हैं। अब ऐसे लोगों को सबक सिखाकर किसानों की सरकार बनानेे का वक्त आ गया है। जब तक किसान अपने भविष्य का निर्णय खुद नहीं करेंगे तब तक उनका भला नहीं हो सकता।
बरखेड़ा विधानसभा स्तरीय सम्मेलन में पीलीभीत पहुंचने से पहले बरखेड़ा प्रत्याशी निरंजन सिंह, जिला प्रभारी यूसुफ मलिक के अगुवाई में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने ललौरीखेड़ा में वीएम सिंह का भव्य स्वागत किया तथा वहीं से उन्हें खुली जीप में जुलूस के रूप में लेकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे। कार्यकर्ताओं से खचाखच भरे बारात भर को देख उत्साहित वीएम सिंह ने मंच से सपा, बसपा, भाजपा व कांग्रेस को किसान विरोधी पार्टी करार दिया। उन्होंने कहा कि अब तक की केंद्र व प्रदेश की सरकारों ने किसान हित में कोई नीति नहीं बनाई। यही वजह है कि आज भी किसानों को न तो अपनी फसल का वाजिब दाम मिल रहा है न ही उसे सम्मान दिया जाता है। अपने को किसान का बेटा बना सत्ता में पहुंचे नेता और उद्योगपति करोड़पति बन गए हैं। उन्होंने सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गन्ना मिल मालिकों से मिलकर किसानों को लूटने वाले अधिकारी को सरकार ने ईनाम देकर मुख्य सचिव बना दिया। यह भ्रष्टतंत्र की एक मिसाल है। उन्होंने कहा कि पार्टियां जातिवाद की राजनीति कर रहीं हैं जबकि किसान की कोई जाति नहीं होती। सम्मेलन को जिलाध्यक्ष सर्वदत्त सिंह, प्रभारी यूसुफ मलिक, रिंकू सिंह चौहान, धीरेंद्र सिंह, फूलचंद्र आचार्य, अनंत अग्रवाल, चेतराम, ईश्वरी प्रसाद, हेतराम, लाल सिंह, सुनील सिंह, नत्थू सिंह, मतलूब अहमद, गुल्लू पहलवान, मस्सा सिंह, रईस अहमद आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
प्रत्याशी जिताओ तब लड़ेंगे चुनाव
किसान मजदूर पार्टी के मुखिया एवं पूर्व विधायक वीएम सिंह ने कहा कि उनकी बहन (मेनका) कहती हैं कि मेरी वजह से देश में पीलीभीत का नाम हुआ, लेकिन मेरे खयालात उनसे अलग हैं। मैं कहता हूं कि पीलीभीत की वजह से मेरा नाम हुआ। पीलीभीत की जनता मुझसे लोक सभा चुनाव लड़ने की बात कहती है। मैं पीलीभीत से 2019 में तभी चुनाव लड़ूंगा जब जिले की जनता 2017 के विधान सभा चुनाव में उनके अधिक से अधिक प्रत्याशी को जिता कर विधान सभा भेजेगी।
ऑफर दिया, किसान की बात पर पीछे हटे
वीएम सिंह ने कहा कि प्रदेश में तेजी के साथ किसान उनकी पार्टी से जुड़ रहा है। इससे सभी सियासी दल परेशान दिख रहे हैं। भाजपा, कांग्रेस, बसपा व सपा से साथ मिल कर चुनाव लड़ने के ऑफर भी मिले। 15 दिन पहले ही सूबे के मुख्यमंत्री से भी उनकी भेंट इस बात को लेकर हुई, लेकिन मैंने सभी से कहा कि पहले किसान हित का एजेंडा तैयार कर मेरे सामने रखो। इस पर सभी पीछे हट गए। आज भी अगर कोई पार्टी किसान हित के मुद्दे पर समझौता करे तो वह उसके साथ मिल चुनाव चलड़ने को तैयार हैं।
दो अक्तूबर से शुरू होगा कंपेनिंग
वीएम सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी मजबूती के साथ विधान सभा चुनाव में उतरेगी। इसके लिए लाल बहादुर शास्त्री की जयंती दो अक्तूबर से बिजनौर जिले से कंपेनिंग की शुरूआत होगी।