कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच जनजीवन प्रभावित है। पिछले 13 दिनों से जहां हाड़ कंपा देने वाली ठंड से लोग जूझ रहे हैं, वहीं पिछले दो दिनों से धूप जरूर निकल रही है, लेकिन शाम होते ही बर्फीली हवाओं के कहर से सड़कों और मोहल्लों में सन्नाटा पसरा रहता है। भोर में कोहरे की धुंध और शीतलहर के चलते लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं।
लगातार दूसरे दिन शनिवार सुबह 11 बजे धूप निकलने से जहां ठंड से लोगों को राहत मिली, वहीं शाम होते-होते तीव्र गति से चली पुरवा हवाओं से मौसम का रुख बदल गया। सर्द हवाओं से लोग कांपते दिखे। पारा भी इन दिनों घट बढ़ रहा है। लोगों को कड़ाके की ठंड से निजात नहीं मिल रही। हांड़ कंपा देने वाले इस मौसम में लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। दो दिनों से जहां रात में शीतलहर का प्रकोप बढ़ रहा है। वहीं दिन में धूप निकलने से लोगों को राहत महसूस होती है। शनिवार सुबह जैसे ही सूर्यदेवता के दर्शन हुए महिलाएं धूप में बैठने के चक्कर में कामकाज निपटाने में लग गईं। दिनभर ठंड से ठिठुरने वाले गरीब और बेसहरा भी जहां तहां धूप का आनंद लेते दिखाई दिए। दो दिन से निकल रही धूप से गर्म कपड़ों के बाजार पर भी काफी फर्क दिखा। मौसम के अचानक बदलाव के बाद लोग जैकेट,स्वेटर आदि गर्म कपड़े खरीदने की होड़ लगाए थे वहीं अब उन्होंने बाजारों की तरफ का रुख मोड़ दिया है। बाजार में गर्म कपड़ों की खरीदारी करने वालों की संख्या शनिवार को कम देखी गई। लेकिन शाम होते-होते अचानक मौसम में बदलाव हुआ और ठंड ने दस्तक दे दी।