पीलीभीत। ग्रामीण इलाकों में बिजली बिल वसूलने की जिम्मेदारी अब स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दी जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक समूह की महिलाएं 50 हजार तक की बिल वसूली कर सकेगी। यदि सब कुछ ठीकठाक रहा तो जल्द ही यह योजना अस्तित्व में आ जाएगी।
प्रदेश सरकार ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ग्रामीण अंचल की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की कवायद शुरू की है। इसमें स्वयं सहायता समूह की महिलाएं खासी भागीदारी कर सकेगी और उनके माध्यम से कार्य कराए जाएंगें। इधर, प्रदेश सरकार ने बिजली बिल वसूली का जिम्मा भी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपने की योजना बनाई है। महिलाओं को प्रति बिल के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। बिल जमा करने के लिए उनको स्मार्ट हैंड मशीनें भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसकी कवायद शुरू कर दी गई है। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण ने पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों से इस संबंध में वार्ता शुरू कर दी है। पीडी अनिल कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार अब स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को बिजली बिल की वसूली समेत अन्य कार्यों की जिम्मेदारी दी जाएगी। इस संबंध में पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों से वार्ता की गई है।