शारदा का जलस्तर स्थिर चल रहा है, लेकिन धार का प्रवाह कई स्थानों पर दाहिने किनारे की ओर बढ़ने से ढकिया ताल्लुके महाराजपुर मेें बने स्पर संख्या छह के अपस्ट्रीम में कटान रोकने को लगे जिओ बैग नदी की भेंट चढ़ गए हैं। वहीं नगरियाखुर्द मेें कटान की गति को कम करने के लिए बनाए गए बल्ला स्परों में अंतिम स्पर भी एक दिन पूर्व नदी में नदी में समा गया। हालांकि अभियंता स्थिति सामान्य होने की बात कह रहे हैं।
शारदा का जलस्तर वैसे तो अभी स्थिर है। दोपहर बाद पानी बढ़ रहा है और सुबह को कम हो रहा है। पानी के इस उतार-चढ़ाव के बीच नदी दाहिने किनारे की ओर कटान करती बढ़ रही है। बाढ़ खंड ने ढकिया ताल्लुके महाराजपुर में पत्थर के बने स्पर छह, जिसके चलते समूचे इलाके का कटान रुका हुआ था, उसके बाएं किनारे की ओर कटान किया था। सिंचाई विभाग बरसात शुरू होने पहले क्षतिग्रस्त स्परों की मरम्मत करता है, जिसके चलते स्पर को मजबूती देने के लिए यहां जिओ बैग लगाकर मरम्मत कराई गई थी। बताते हैं कि उस दौरान जिओ बैग हौचपौच में लगा दिए गए थे। इसी के चलते स्पर की अपस्ट्रीम में लगे जिओ बैग नदी की भेंट चढ़ गए।
अंतिम बल्ला स्पर भी नदी में समाया
नगरिया खुर्द में भी 9ए व 9बी स्पर को सुरक्षा देने को तीन बल्ला स्पर बनाए गए थे। करीब दो दिन पूर्व इनमें दो बल्ला स्पर नदी की भेंट चढ़ गए थे। वहीं शेष एक बचा बल्ला स्पर भी कल नदी की भेंट चढ़ गया। खास बात यह है कि इन दोनों स्परों को सुरक्षित रखने के लिए लोगों ने एक्सईएन से कार्य कराने को कहा था, लेकिन सहायक अभियंता ने बात को हवा में उड़ा दिया था। यदि जल्द यहां कोई बचाव कार्य नहीं कराए गए मार्जनल बांध एवं नगरियाखुर्द में बने 11 स्पर भी खतरे में पड़ सकते हैं।
ढकिया से रमनगरा तक कटान जारी
ढकिया ताल्लुके महाराजपुर से लेकर रमनगरा तक व नलडेंगा क्षेत्र में जलस्तर काफी कम होने के बावजूद भीतरी हिस्से में कटान करती हुई दाहिने किनारे की ओर बढ़ रही है। इससे ऐसा लगता है कि बाढ़ के समय दाएं किनारे पर तबाही मचा सकती है।
नगरियाखुर्द में योजना स्थल के सामने नदी ने काफी रेत छोड़ दी है। स्पर छह के अपस्ट्रीम में जो मामूली क्षति हुई है उसे दुरुस्त कराया जा रहा है।
- श्याम सिंह बघेल, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड