कांस्टेबिल के खिलाफ कार्रवाई को लेकर विधायक की मौजूदगी में एक सपा नेता
की कोतवाल से कोतवाली में तीखी नोकझोंक हो गई। विधायक ने दोनों पक्षों को
समझाबुझा कर मामला शांत करा दिया।
सपा विधायक पीतमराम के साथ कोतवाली
पहुंचे सपा नेता कौशल वाजपेई ने पहले कोतवाल पर पार्टी कार्यकर्ताओं का काम
न करने का आरोप लगाया। फिर एक कांस्टेबल पर की गई कार्रवाई को उत्पीड़न
करार दिया। कहा कि गांव के एक गरीब का पुत्र गायब होने और उनके सहारनपुर
में होने की जानकारी पर कोतवाल की ओर से उसकी बरामदगी के कोई प्रयास नहीं
किए गए। सीओ से शिकायत करने पर उन्होंने एक कांस्टेबल को भेजा था,
कांस्टेबिल बच्चे को सहारनपुर से ले आया। इस पर अब उसके खिलाफ कार्रवाई की
जा रही है।
इसको लेकर कोतवाल और सपा नेता मेें नोकझोंक होने लगी। सपा
नेता से कोतवाल की नोकझोंक देख विधायक पीतमराम दंग रह गए। उन्होंने किसी
तरह दोनों लोगों को शांत कराया। सपा नेता कौशल वाजपेई ने बताया कि
कार्यकर्ताओं के काम नहीं हो रहे हैं। यह कहने पर कोतवाल को बुरा लग गया।
अब इसकी शिकायत राज्यमंत्री से की जाएगी। इंस्पेक्टर धर्मपाल सिंह ने बताया
कि एक कांस्टेबल लापरवाह है। छह दिन बाद उसके लौटने पर उसके खिलाफ रपट
लिखवा दी गई। इस पर सपा नेता नाराज हो रहे थे। विधायक पीतमराम ने बताया कि
कोई खास बात नहीं हुई। एक सिपाही की रपट लिखने की बात थी। रपट न खिलने को
कोतवाल से कहा गया है।