हे! मां मुझसे ऐसी क्या खता हुई। जो मेरे जिगर के टुकड़े को छीन लिया।
हादसे के बाद घटना का शिकार हुए रामऔतार की वृद्ध मां कौशल्या देवी के
बार-बार इन शब्दों को सुन गांव वालों की आंखें डबडबाती रहीं। हादसे के बाद
से गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया।
ग्राम नवदिया दहला के ग्रामीणों
के मुताबिक गांव से कई साल से मां यशवंतरी देवी के लिए पैदल झंडी यात्रा
निकाली जाती है। इस गांव से शुक्रवार को भी एक यात्रा मां यशवंतरी देवी
मंदिर गई थी। शनिवार को दूसरी झंडी यात्रा में महिला, पुरुष और बच्चों को
मिलाकर सौ से अधिक लोग शामिल थे। बताते हैं कि रामऔतार अपने भाई रामस्वरूप
के साथ मां यशवंतरी देवी से मनौती मांगने के लिए यात्रा में शामिल हुआ था।
माता-पिता
ने दोनों पुत्रों को हंसी खुशी रवाना किया था। यात्रा जब गाजे-बाजे के साथ
गांव से निकली तो रामऔतार ने मां को चढ़ाने वाली झंडी हाथ में ले ली और
करतब दिखाते हुए चलने लगा। यह देख उसके माता-पिता खुशी से झूम उठे। उन्हें
क्या पता था कि अब उसका बड़ा बेटा हमेशा के लिए घर वापस लौटकर नहीं आएगा।
हादसे की जब खबर कौशल्या देवी को मिली तो उसके मुंह से यही निकला कि हे!
मां यह तूने क्या किया? ऐसी कौन सी खता हुई जो मेरे जिगर के टुकड़े को
मुझसे छीन लिया।
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पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
गांव
नवदिया दहला निवासी श्रीकृष्ण अवतार ने बताया कि उनके चार पुत्रों
धर्मेंद्र, शिवस्वरूप और इंद्रजीत में रामऔतार बड़ा पुत्र था। वह मजदूरी कर
परिवार चलाता था। मृतक की पत्नी जावित्री और उसके बच्चों का रो-रोकर बुरा
हाल है। जावित्री बिलख कर कह रही थी कि अब उसके दो पुत्र और दो पुत्रियों
की परवरिश कैसी होगी?
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विधायक ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल
सपा
विधायक हेमराज वर्मा, नरेंद्र मिश्रा कट्टर के साथ जिला अस्पताल पहुंचे।
विधायक ने मृतक के परिवार वालों को ढांढस बंधाया और मुख्यमंत्री कोष से
सहायता राशि दिलवाने का आश्वासन दिया। वह झुलसे युवकों से भी मिले और
डॉक्टरों को उपचार में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।