पीलीभीत। पीलीभीत-बहेड़ी संसदीय सीट पर एक बार फिर सपा को हार का मुंह देखना पड़ा, जातीय समीकरण भी काम नहीं आए और भाजपा ने जीत दर्ज की। सन 2004 और 2019 के बाद एक बार फिर सपा दूसरे स्थान पर रही।
पीलीभीत-बहेड़ी लोकसभा क्षेत्र से 35 वर्ष मेनका गांधी और वरुण गांधी का प्रतिनिधित्व रहा। सपा, बसपा और कांग्रेस की बात करें तो इससे पहले वर्ष 2004 और वर्ष 2019 में सपा दूसरे स्थान पर रही और यहां भाजपा ने जीत दर्ज की। सन 2004 के लोकसभा चुनाव में मेनका गांधी यहां से सांसद बनीं और उन्हें 255615 मत मिले। समाजवादी पार्टी के सतपाल गंगवार 152895 मतों के साथ दूसरे और बसपा के अनीस अहमद खां उर्फ फूलबाबू 121669 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
वर्ष 2009 के लोकसभा के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी से वरुण गांधी ने चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। उन्हें 419539 मत मिले, 138038 मतों के साथ कांग्रेस के वीएम सिंह दूसरे, 117903 मतों के साथ समाजवादी पार्टी के हाजी रियाज अहमद तीसरे और 112576 मतों के साथ बसपा के गंगाचरण चौथे स्थान पर रहे।
2014 के चुनाव में मेनका गांधी एक बार फिर यहां से सांसद बनीं। उनको 546934 मत मिले। समाजवादी पार्टी के बुद्धसेन वर्मा 239882 मतों के साथ दूसरे और बसपा के अनीस अहमद खां फूल बाबू 196294 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। 2019 के चुनाव में वरुण गांधी यहां से सांसद बने। उन्हें 740549 मत मिले। दूसरे नंबर पर सपा के हेमराज वर्मा रहे, उन्हें 4,48,922 मत मिले, जबकि तीसरे नंबर पर अनीस अहमद खां रहे।
इस बार जातीय समीकरणों को अपने पक्ष में होना मानकर सपा के भगवत सरन गंगवार ने पूरी ताकत झोंकी। इसके बाद भी उनको हार का मुंह देखना पड़ा। इस चुनाव में भाजपा से जितिन प्रसाद ने भारी अंतर से जीत दर्ज की, जबकि भगवत सरन गंगवार दूसरे स्थान पर रहे। जबकि बसपा के अनीस अहमद खां ने तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा।