वर्षों से जर्जर पड़े पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग के दिन बहुरने वाले हैं। प्रधानामंत्री सड़क योजना के तहत छह साल का समय पूरा होने पर मार्ग पीडब्ल्यूडी को स्थानांतरित कर दिया गया है। पीडब्ल्यूडी ने मार्ग निर्माण को सर्वे कर स्टीमेट बनाना शुरू कर दिया है।
पीलीभीत से माधोटांडा तक जाने वाले 35 किलोमीटर मार्ग का निर्माण करीब छह साल पूर्व प्रधानमंत्री सड़क योजना से कराया गया था। इस पूरे मार्ग को तीन भागों मेें विभाजित कर दो ठेकेदारों से काम कराया गया था, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता ठीक न होने के कारण सड़क कुछ ही दिनों में टूट गई। इस पर प्रारंभ के दो भाग का काम करने वाले ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट कर निर्माण संस्था आरईएस ने जमानत राशि जब्त कर ली। कुछ दिनों बाद मार्ग का शेष भाग भी टूट गया। सड़क टूटने से इस क्षेत्र के लोग पिछले करीब तीन सालों से परेशान हैं। इसके बावजूद जनप्रतिनिधि और अधिकारियों ने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई। अब प्रधानमंत्री सड़क योजना की अवधि समाप्त होने पर आरईएस ने सड़क को पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित कर दी है। सड़क विभाग को मिलने पर पीडब्ल्यूडी ने सड़क के पुनर्निर्माण के लिए करीब एक सप्ताह पूर्व सर्वे कर स्टीमेट बनाना शुरू कर दिया है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता प्रदीप रस्तोगी ने बताया कि गौहनिया चौराहे से कलीनगर पेट्रोलपंप तक करीब 35 किलोमीटर सड़क निर्माण का स्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जा रहा है। स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू कराया जाएगा।