चंदिया हजारा में पुलिस-पब्लिक में हुई भिड़ंत के बाद नामजदों की गिरफ्तारी के नाम पर कथित तौर पर पुलिस द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न को लेकर ग्रामीणों के पक्ष में सियासी दल आगे आने लगे हैं। भाकपा (माले) के बाद अब भाजपा के एक प्रतिनिधि मंडल ने गांव पहुंचकर लोगों का हाल लिया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने पुलिस अफसरों से बात कर निर्दोषों का उत्पीड़न बर्दास्त न करने की चेतावनी भी दी है।
बताते चलें कि 23 अक्तूबर की देर शाम चंदिया हजारा में चल रहे धार्मिक कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों के स्टेज पर चढ़ने को लेकर बवाल हो गया था। कथित पुलिस फायरिंग में गांव का छोटू घायल हो गया था। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने पुलिस चौकी पर हमला कर दिया था। आरोप है कि ग्रामीणों के पथराव से प्रभारी चौकी समेत दो पुलिस वाले घायल हो गए थे। गुस्साई भीड़ पर चौकी फूंकने का भी आरोप पुलिस लगा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मामले में प्रभारी चौकी इंचार्ज की ओर से गंभीर धाराओं में दर्ज 16 नामजद व 250 अज्ञात लोगों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ग्रामीणों का उत्पीड़न कर रही है।
भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी शनिवार को गांव में पहुंचकर गांव वालों से वार्ता की। प्रतिनिधिमंडल के सदस्य भाजपा नेता प्रणय बाजपेई ने बताया कि ग्रामीणों ने पुलिस द्वारा किए गए उत्पीड़न की जानकारी दी है। इस पर मोबाइल पर एसपी, सीओ से और मौके पर मिले हजारा एसओ से वार्ता कर निर्दोष को किसी कीमत पर जेल न भेजने की चेतावनी दी गई है। प्रतिनिधिमंडल में आचार्य धर्मप्रकाश बौद्ध, डॉ. हंसराम सिंह राठौर, पवन जायसवाल, सुप्रोदी जोशी गोल्डी, रूम सिंह यादव, भारतेंद्र सिंह चौहान, ओमकार आदि थे।