आरोपी का कहना है कि पिता अक्सर शराब के नशे में धुत होकर गाली-गलौज कर कभी उसकी तो कभी पत्नी की पिटाई कर देते थे। रविवार को भी पिता सुबह राजमिस्त्री का काम करने कहीं गए थे। काम निपटाकर 11 बजे घर आए तो शराब के नशे में धुत थे। खाना खाने को कहा तो गालियां देनी शुरू कर दीं।
झगड़ों से तंग आकर ताऊ के घर में रहती थी बेटी
शिशु लाल अपने एक भाई सुरेश यादव और बहन पूनम से छोटा था। पूनम की कई साल पहले शादी हो चुकी है। शिशु लाल के घर के ठीक सामने उसका भाई सुरेश परिवार सहित रहता है। शिशु लाल अपने घर में पुत्र रवि यादव, पुत्रवधू रूबी और दो साल के पौत्र के साथ रहता था। शिशु लाल की पुत्री अनुष्का पिता-पुत्र में रोज-रोज कलह को लेकर कई सालों से अपने ताऊ सुरेश के पास रहती है। शिशु लाल की पत्नी का चार साल पहले निधन हो गया था।
पत्नी के निधन के बाद शिशु लाल ने अपने पुत्र रवि की शादी करीब चार साल पहले लखीमपुर के थाना पलिया के गांव जौरी में की थी। शिशु लाल के भाई सुरेश ने बताया कि पिता-पुत्र में अक्सर होने वाले कलह को लेकर उसकी कई महीनों से भाई-भतीजे से न तो बोल चाल थी और न ही एक दूसरे का घर आना-जाना था।
एजेंसी पर नौकरी करता था रवि
रवि ने बताया कि स्टेशन चौराहा के समीप बिस्कुट, साबुन आदि की एक एजेंसी पर नौकरी कर रहा था। कलह को लेकर पिछले तीन दिन से काम पर नहीं जा रहा था। पिता को इस दौरान कई बार समझाने की भी कोशिश की, लेकिन वह मानें नहीं।