अबकी बार पांचवीं बार मशीनें खरीदने व संचालन के लिए नगर पालिका ने किया टेंडर
पीलीभीत। जिम्मेदारों के लचर रवैये के कारण नगर पालिका क्षेत्र में भूमि मिलने के बाद भी सालों से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट (एसडब्ल्यूएम) स्थापित नहीं हो सका है। हालांकि प्लांट के संचालन के लिए छह माह पहले नगर पालिका में पांच करोड़ से अधिक की धनराशि स्वीकृत कर दी, लेकिन कई बार टेंडर निकालने के बाद निविदा नहीं भरने के चलते प्लांट का संचालन अब तक शुरू नहीं हो पाया। हालांकि जिम्मेदारों का दावा है कि जल्द ही टेंडर की कंपनी के चयन के बाद मशीनें खरीदने व अन्य प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (एसडब्ल्यूएम) प्लांट में लगने वाली मशीनें शहर से एकत्रित कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करती हैं। मशीन के माध्यम से पहले ट्रॉमल स्क्रीन और कन्वेयर बेल्ट के जरिए गीले व सूखे कचरे की छंटाई की जाती है व प्लास्टिक, धातु, कागज और अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग किया जाता है।
श्रेडर मशीन बड़े आकार के कचरे को छोटे टुकड़ों में बदलने के साथ बेलिंग मशीन पुनर्चक्रण योग्य सामग्री की गांठ बनती है, जिससे तैयार होने वाली जैविक कचरे को कंपोस्टिंग यूनिट में डालकर खाद तैयार की जाएगी। इस मशीन को लगाने के लिए नगर पालिका ने सालों पहले भूमि का चिह्निकरण जहानाबाद मार्ग पर पड़ने वाले मीरापुर गांव में किया, लेकिन इसके बाद सालों तक शासन से मशीनें खरीदना व कर्मचारियों का वेतन की शासन से मंजूरी नहीं मिल पाई।
लगभग छह माह पहले जब शासन से मंजूरी मिली तो अब नगर पालिका पिछले छह माह में एसडब्ल्यूएम का टेंडर प्रक्रिया पूरी करने में विफल साबित हुई। चार बार टेंडर के बावजूद अब तक किसी कंपनी का चयन नही हो पाया। इससे एसडब्ल्यूएम मशीनें खरीदने व संचालन की प्रक्रिया अधर में लटकी है। संवाद
-
रोज 50 टन कूड़े का निस्तारण हो सकेगा
अधिकारियों के अनुसार, इस प्लांट के लग जाने के बाद शहर के 50 टन कूड़े का निस्तारण हो सकेगा। फिलहाल शहर से रोज 50 टन कूड़ा निकल रहा है।
वर्जन
इसका टेंडर फिर से किया गया है। जल्द ही मशीनें खरीदने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
- संजीव कुमार, ईओ