जेल, पुलिस और जिला अस्पताल की मिलीभगत से हत्या जैसे गंभीर आरोप में सजा काट रहे बंदी जेल के बाहर मौज कर रहे हैं। बुधवार को इसका खुलासा जिला अस्पताल में एएसपी के छापे के दौरान हुआ। गंभीर बीमारी का बहाना कर जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती दो हत्यारोपी कैदी व दो अन्य बंदी और छह सिपाही अपने कमरे से गायब मिले। इन बंदियों की सुरक्षा के लिए आठ पुलिसकर्मी तैनात थे। गायब छह सिपाहियों में से चार की रायफलें भी लावारिस हालत में बंदियों के बेड पर पड़ी मिलीं।
गायब सिपाहियों में से तीन सिपाही कुछ देर बाद मौके पर पहुंच गए, जबकि तीन अन्य सिपाही काफी देर बाद अस्पताल पहुंचे। तीनों सिपाहियों को एसपी ने सस्पेंड कर दिया है। छापामार कार्रवाई के बाद जब अफसर लौट गए गायब दोनों बंदी भी बारी-बारी अपने बिस्तर पर पहुंच गए। एसपी ने मामले की जांच सीओ जहॉनाबाद को सौंपी है।
पुलिस वालों की लापरवाही की सूचना पर एएसपी को औचक निरीक्षण को भेजा था। छापे के दौरान चारों बंदी तो मिले, लेकिन अभिरक्षा में लगे आठ सिपाहियों में से छह गायब मिले। जिनकी लावारिस मिली चार रायफले कब्जें में लेकर जमा कराई गई हैं। गायब सिपाहियों में से भी तीन कुछ देर बाद पहुंच गए। जबकि तीन काफी देर बाद भी नहीं पहुंचे। उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
जेके शाही, एसपी