कृषि विकास को संचालित सरकारी योजनाओं की जानकारी और इनके क्रियान्वयन में बैंकों की भूमिका पर नाबार्ड की ओर से कार्यशाला आयोजित की गई। डीएम मासूम अली सरवर ने कहा कि बैंक सामाजिक दायित्वों का बेहतर ढंग से निर्वहन करें, जिससे जरूरतमंदों को योजनाओं का लाभ मिल सके।
शहर के एक होटल में हुई कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए डीएम ने कहा कि बैंकिंग सेवाएं हर जरूरतमंद तक पहुंचनी चाहिए, ताकि लोगों को साहूकारी और महाजनों से छुटकारा मिल सके। उन्होंने बैंक प्रबंधकों से किसानों को क्रेडिट कार्ड, फसली एवं कृषि से जुड़े अन्य ऋण समय और सुगमता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस मौके पर डीडीएम नाबार्ड एके रावत ने प्रोजेक्टर के माध्यम से कृषि मंत्रालय की योजनाओं को समझाया।
उन्होंने कहा कि एग्री क्लीनिक एवं एग्री बिजनेस सेंटर के लिए 36 प्रतिशत अनुदान, डेयरी पालन के लिए 25 प्रतिशत, वेयर हाउस पर 25 प्रतिशत और सोलर पंप पर 40 प्रतिशत तक अनुदान है। इसके अलावा जैविक खाद इकाई बनाने के लिए भी अनुदान की व्यवस्था है। एग्री क्लीनिक एवं एग्री बिजनेस के नोडल अधिकारी दीपक मेंहदीरत्ता और कृषि उपनिदेशक एके सिंह ने योजना की जानकारी दी। कार्यशाला में एडीएम अजयकांत सैनी, सिटी मजिस्टे्रट जितेंद्र कुमार शर्मा, एसडीएम सदर सुरेंद्र बहादुर यादव, एलडीएम केए सिद्दीकी, एएलडीएम आशीष सहित विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक थे।