गन्ना सीजन में जिले की चारों मिलें अब तक 103 लाख क्विंटल गन्ना खरीद चुकी हैं। जिसकी कीमत लगभग 290 करोड़ रुपये बनती है, लेकिन मिलों ने मात्र 104 करोड़ रुपये का ही भुगतान किया है।
गन्ना सीजन की शुरूआत करीब दो माह पूर्व हुई थी, लेकिन मूल्य निर्धारित न होने के कारण मिलें भुगतान करने से बच रही थीं। पिछले दिनों डीएम की सख्ती के बाद चारों मिलों ने भुगतान शुरू किया। आंकड़ों की बात करें तो जिले की चारों चीनी मिलें 103 लाख क्विंटल गन्ना खरीद चुकी हैं। इसमें एलएच ने सर्वाधिक 54.64 लाख और पूरनपुर सहकारी मिल ने सबसे कम 9.20 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा है। अब तक खरीदे गए गन्ने का यदि सामान्य प्रजाति के गन्ने की कीमत 280 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से मूल्य निकाले तो लगभग 290 करोड़ रुपये बनता है, लेकिन मिलों ने इसके सापेक्ष अभी मात्र 104 करोड़ रुपये का ही भुगतान किया है। गन्ना भुगतान न होने से किसान परेशान हो रहे हैं और उन्हें अपनी जरूरत के लिए अन्य माध्यमों से धन की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
एलएच ने किया सर्वाधिक भुगतान
जिले की चार चीनी मिलों में एलएच शुगर फैक्ट्री गन्ना खरीद और भुगतान में गत सीजन की तरह आगे हैं। मिल अब तक 54.64 लाख क्विंटल गन्ना खरीद चुकी है। इसके सापेक्ष उसने 31 दिसंबर तक खरीदे गए गन्ने का 230 रुपये के हिसाब से 83.04 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। बुधवार सायं मिल ने सात जनवरी तक किसानों से खरीदे गन्ना मूल्य का भी भुगतान भेज दिया है।
गन्ना खरीद भुगतान की स्थिति
मिल खरीद (लाख क्विंटल) भुगतान (लाख)
एलएच 54.64 8304.43 (31/12 तक)
बरखेड़ा 29.52 496.01 (02/12 तक)
बीसलपुर 10.55 978.80 (20/12 तक)
पूरनपुर 09.20 700.00 (20/12 तक)
कुल 103.91 10479.25
गन्ना मूल्य निर्धारित न होने से भुगतान में दिक्कत आ रही थी। अब मूल्य निर्धारित हो गया है। सभी मिलों को भुगतान में तेजी लाने को कहा गया है।
- राजेश्वर यादव, जिला गन्ना अधिकारी