राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हाजी रियाज अहमद की जिले के विकास में एक अहम कड़ी जोड़ने के लिए पानी से बिजली उत्पादन करने की घोषणा मौजूदा सरकार के कार्यकाल में पूरी होती नजर नहीं आ रही है। सत्ता के नजदीकी माने जाने वाले सिंचाई विभाग के अफसर ही इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर कोई खास तबज्जो नहीं दे रहे हैं। इसी के चलते यह प्रोजेक्ट कछुआ गति से आगे बढ़ रहा है।
विकास को गति देने के लिए बनाई थी योजना
जनपद में 22 किमी लंबे शारदा डैम के अलावा नहरों का भी जाल बिछा है। यहां बिजली उत्पादन की काफी गुंजाइश थी। जिले को चौबीसों घंटे बिजली मिले और यहां बड़े उद्योग धंधे स्थापित हों, इसके लिए राज्यमंत्री हाजी रियाज अहमद ने शारदा डैम और हरदोई ब्रांच से बिजली उत्पादन की योजना बनाई थी। प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन भी जनपद दौरे के समय यहां बिजली उत्पादन की संभावनाओं को देखते हुए प्रोजेक्ट बनाने के निर्देश दे गए थे।
बिजली उत्पादन को बनाए गए तीन प्रोजेक्ट
हाजी रियाज अहमद के प्रयास और मुख्य सचिव आलोक रंजन के निर्देश पर पॉवर कारपोरेशन के आला अफसरों ने सर्वे कराकर अलग-अलग तीन प्रोजेक्ट बनवाए थे। इसके बाद राज्यमंत्री ने सिंचाई और विद्युत विभाग के प्रदेश से लेकर जनपद स्तर के अधिकारियों की बैठक लेकर बिजली उत्पादन प्रोजेेक्ट को प्राथमिकता में शामिल करके इसे धरातल पर लाने के निर्देश भी दिए थे। उन्होंने सिंचाई विभाग के आला अफसरों को भी तत्काल अपनी रिपोर्ट देने को कहा था।
अफसर नहीं दिखा रहे दिलचस्पी
सिंचाई विभाग के वे आला अफसर जो सत्ता के काफी नजदीक माने जाते हैं, वही बिजली उत्पादन के प्रोजेक्ट में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। वे सरकार के इस कार्यकाल में सिर्फ नहर और नदियों पर ऐसा कार्य कराने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं जिसका प्रोजेक्ट करोड़ों में बने और धरातल पर कार्य भी दिखाई न दे। ऐसे में सरकार के इस कार्यकाल में यहां बिजली उत्पादन शुरू हो पाना तो दूर, इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने की ही उम्मीद क्षीण होती नजर आ रही है।
यह कहना है अफसरों का
बिजली विभाग के स्थानीय अभियंता उमेश गौतम कहते हैं कि इस मामले में सिंचाई विभाग को अपना कार्य करना है। बिजली विभाग के आला अफसर तो प्रोजेक्ट बनाकर दे चुके हैं। उधर, सिंचाई विभाग के वाइफरकेशन में तैनात सहायक अभियंता पीके तिवारी कहते हैं कि यह उच्चस्तर का मामला है, लेकिन अभी तक उनके पास बिजली उत्पादन से जुड़ा कोई प्रोजेक्ट सर्वे या अन्य किसी कार्य के लिए नहीं भेजा गया है।
वर्जन
ये सही है कि सिंचाई विभाग के अफसरों को इस महत्वपूर्ण बिजली उत्पादन प्रोजेक्ट में दिलचस्पी दिखाकर जिस तेजी से काम करना चाहिए था, वह नहीं कर रहे हैं। साइकिल यात्रा के बाद लखनऊ जाकर मैं मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उनका ध्यान इस ओर दिलाऊंगा। सिंचाई और बिजली विभाग के आला अधिकारियों से भी बात करूंगा। कोशिश होगी कि यह कार्य सरकार के इसी कार्यकाल में शुरू हो जाए।-हाजी रियाज अहमद राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)