अब तक गेहूं खरीद में पीलीभीत मंडल में फिसड्डी
आरएमओ राममूर्ति पांडेय ने गेहूं खरीद केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं परखीं। धीमी खरीद होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने खरीद तेज करने के निर्देश दिए। एक अप्रैल से शुरू हुई सरकारी खरीद के सातवें दिन शुक्रवार तक जिले में कुल 258 मीट्रिक टन गेहूं ही खरीद की जा सकी है, जो मंडल में सबसे कम है। इस पर शुक्रवार को क्षेत्रीय विपणन अधिकारी पीलीभीत पहुंचे। मंडी पहुंचकर उन्होंने यहां लगे विभिन्न संस्थाओं के क्रय केंद्रों की व्यवस्थाएं परखीं। निरीक्षण के दौरान उन्हें एफसीआई के क्रय केंद्र पर तौल होती मिली। यहां उन्होंने किसानों से भी बातचीत की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि पीसीयू के केंद्रों पर नाममात्र की धनराशि है इसपर उन्होंने पीसीयू के एमडी से फोन पर वार्ता कर धनराशि उपलब्ध कराने को कहा। निरीक्षण के बाद आरएमओ ने क्रय केंद्र प्रभारियों के साथ बैठक की समीक्षा। उन्होंने कहा कि गेहूं उत्पादन में जिला मंडल में अग्रणी हैं लेकिन खरीद में इसकी स्थिति मंडल में सबसे पीछे है। उन्होंने केंद्र प्रभारियों से खरीद तेज करने के निर्देश दिए।
मंडी में बढ़ी गेहूं की आवक
गेहूं की कटाई तेज होने के साथ ही मंडी में आवक बढने लगी है। शुक्रवार को मंडी में गेहूूं की बम्पर आवक हुई लेकिन आवक बढने के साथ ही दाम भी घटने लगे हैं। किसानों को 1425 रूपये से लेकर 1600 रुपये तक के दाम आढ़तों पर मिल रहे हैं जबकि सरकारी क्रय केंद्रों पर 1635 रुपये के दाम हैं। ऐसे में यदि क्रय केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरूस्त रहें तो सरकारी खरीद बढ़ सकती है।
जिले के सभी क्रय केंद्रों पर व्यवस्थाएं पूरी कर दी गई हैं। आवक भी होने लगी है। नमी के चलते कुछ दिक्कत आ रही है। खरीद में बढ़ोत्तरी के प्रयास किए जा रहे हैं। - कांती राठौर, डिप्टी आरएमओ