बच्चों में अतिकुपोषण की स्थिति दूर करने के लिए बाल विकास विभाग ने एक नई रणनीति बनाई है। जिसके तहत अतिकुपोषित बच्चों को सामान्य बनाने के लिए स्नेह शिविर का आयोजन किया जाना है। शिविर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम आदि चिह्नित अतिकुपोषित बच्चों व उनकी माताओं को बेहतर भरण पोषण दिया जाएगा। बीस फीसदी से अधिक कुपोषिण बच्चों को इस स्नेह शिविर में शामिल किया जाएगा। इससे शिविर में आने वाले कुपोषित बच्चों का चेहरा भी सामान्य बच्चों जैसा खिलखिलाएगा।
जिले के सात ब्लॉकों में 1960 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इसमें लगभग 25 हजार कुपोषित और 12 हजार अतिकुपोषित बच्चे हैं। ऐसे में प्रतिमाह सभी केंद्रों पर आयोजन कराना विभाग के लिए संभव नहीं हो सकता। जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि प्रथम चरण में स्नेह शिविर में अधिकारियों के गोद लिए 54 गांवों के 87 अतिकुपोषित बच्चों को सेहतमंद बनाने के लिए इसी माह शिविर लगाए जाने की तैयारी है। इस शिविर के बाद जिले में संचालित हर केंद्र पर स्नेह शिविर लगेगा। शिविर के लिए बाकायदा विभाग की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशाओं व एएनएम को ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि वह शिविर में अतिकुपोषित बच्चों व उनकी माताओं को अतिरिक्त पोषाहार देकर जागरूक कर सकें। शिविर में बच्चों की देखभाल कैसी करनी चाहिए, खानपान पर किस तरह ध्यान देना चाहिए आदि की जानकारी दी जाएगी।
ये होंगे इंतजाम
- कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों का चयन आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के वजन के मानक पर किया जाएगा।
- शिविरों का संचालन आंगनबाड़ी वर्कर करेंगी।
- शिविर में 12 दिन लगातार आने वाले छह माह से ऊपर के बच्चों को ताजा भोजन दिया जाएगा।
-खाने में 300 से 400 कैलोरी व 18 ग्राम प्रोटीन की मात्रा रहेगी।
- खाने में सब्जियों, अंडों, सोयाबीन, गुड़, चीनी का उपयोग किया जाएगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्नेह शिविर का आयोजन होने से बच्चों की देखभाल का मौका मिलेगा। आने वाले समय में कुपोषित बच्चों की संख्या में तेजी से गिरावट देखने को मिलेगी। वहीं शिविर के माध्यम से बच्चों व उनके अभिभावकों को जागरूक करने हमें भी एक मौका मिलेगा। - कल्पना शर्मा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
कुपोषित बच्चों को हष्ट-पुष्ट बनाने के लिए प्रदेश सरकार के माध्यम से जिला कार्यक्रम अधिकारी की यह एक अच्छी पहल है। स्नेह शिविर का आयोजन नियमित तरीके से आंगनबाड़ी केंद्रों पर होता रहा, तो आने वाले समय में कुपोषण का खात्मा हो जाएगा। - पुष्पा उपाध्याय, समाज सेविका
स्नेह शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों को कुपोषण मुक्त कराकर सेहतमंद बनाना है। शिविर के माध्यम से बच्चों व उनके अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा ताकि भविष्य में बच्चों की सेहत से खिलवाड़ न हो सके। - अरविंद कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी