पीलीभीत। छोटी-छोटी बातें, तनाव, तवज्जों न मिलना और अन्य कारणों से आत्महत्या की कोशिश के मामले सामने आए हैं। फरवरी और मार्च माह में जिला अस्पताल और सभी सीएचसी की बात करें तो इस तरह के 50 से अधिक मामले सामने आए हैं।
कुछ की जान भी चली गई। इनमें कुछ का कारण तो बिल्कुल ही सामान्य रहा। किसी को परिजन ने कपड़े नहीं दिलाए तो किसी की अपने करीबी से बात नहीं हो सकी। चिकित्सकों का कहना है कि इस तरह के मामलों में परिवार की सकारात्मक भूमिका और काउंसलिंग की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण है।
जिले में आत्महत्या और आत्महत्या के प्रयास के मामले तेजी से बढ़े हैं। पारिवारिक कलह और अन्य बड़े कारणों काे छोड़ दिया जाए तो आत्महत्या के प्रयास के अधिकांश मामलों के पीछे की वजह छोटी और सामान्य बातें ही रही हैं। करीब 10 दिन पहले बीसलपुर क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक का शव कमरे में लटकता मिला था। युवक अपनी मां से नए मोबाइल की मांग कर रहा था। परिवार की आर्थिक स्थिति इस तरह की नहीं थी कि उसे नया मोबाइल दिलाया जा सकता। इस तरह का कदम उठाने वालों में अधिक संख्या युवा वर्ग की सामने आई है। किशोर भी अवसाद का शिकार हो रहे हैं। संवाद
मन में आए गलत विचार तो लें चिकित्सक से सलाह
मेडिकल कॉलेज की मनोचिकित्सक डॉ. प्रियंका भटनागर का कहना है कि अब किसी के मन में आत्महत्या या खुद काे नुकसान पहुंचाने का विचार आए तो मनोचिकित्सक से सलाह लें। चिकित्सक, समस्या की पहचान कर उसी के अनुसार इलाज करेगा। अगर परिवार में कोई सदस्य परेशान है तो परिजन उसे चिकित्सक के पास लेकर आएं।
परिवार का सकारात्मक सहयोग और काउंसलिंग अहम
मेडिकल कॉलेज के ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ. जीके अनेजा का कहना है कि जरा सी बात पर इस तरह का कदम उठाना गलत है। इस तरह के मामलों में परिवार की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण है। परिवार का कोई सदस्य अगर किसी बात को लेकर परेशान या अवसाद में है तो कारण जानने का प्रयास करें। उसकी बात सुनें और भरोसा दिलाएं। मनोचिकित्सक से भी सलाह लें।
-
ऐसे मामले भी आए सामने
दो दिन पहले शहर के एक मोहल्ला निवासी युवक ने पत्नी से झगड़े के बाद फंदे से लटक कर जान देने की कोशिश की। उसका इलाज चल रहा है।
करीब 10 दिन पहले शहर के एक व्यक्ति का शव पेड़ से लटका मिला था। व्यक्ति ने रात के समय अपनी पत्नी के मोबाइल पर गुड बाय का संदेश भेजा था।
जनवरी में शहर के ही एक मोहल्ले में रहने वाले युवक का अपनी वैवाहिक वर्षगांठ की रात ही शव फंदे से लटकता मिला था।
करीब एक माह पूर्व सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के एक गांव में प्रेमी-प्रेमिका ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या की कोशिश की थी।
फरवरी में ही शादी से इन्कार पर जहानाबाद थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया था।
मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या की घटनाएं रुक सके। इसलिए काउंसलिंग कराई जाती है। यदि पुलिस के संज्ञान में इस तरह का मामला आता है तो समस्या के निस्तारण पर भी कार्य किया जाता है। - विक्रम दहिया, एएसपी