शहर के एक शोरूम पर ग्राहक को चांदी की राखियां दिखाती कर्मचारी। संवाद
पीलीभीत। आसमान छूते चांदी के दाम का असर इस बार रक्षाबंधन पर भी पड़ेगा। चांदी महंगी होने के चलते भाइयों के हाथ पर जो राखियां बीते वर्ष रक्षाबंधन पर 500 से लेकर 1000 तक मिल जा रहीं थीं, वह बाजार में 2000 से नीचे मिल ही नहीं रहीं हैं।
रक्षाबंधन को लेकर बहनों में भाइयों की कलाई पर सुंदर-आकर्षण राखियां खरीदने को लेकर काफी उत्सुकता रहती है, इसमें बहनें भाइयों को चांदी तक की राखियां बांधती हैं। इस बार भाई-बहनों के इस स्नेह के बीच चांदी की महंगाई बजट बिगाड़ रही है। बता दें जो चांदी पिछले रक्षा बंधन पर 1.20 लाख प्रति किलो थी, अब वह दोगुने दामों में पहुंचकर 2.34 लाख प्रति किलो हो गई है। इसके चलते 3-4 ग्राम की राखी मेकिंग चार्ज के साथ 1000 तक पड़ रही है। वहीं भारी राखियां 2 हजार से कम दामों में मिल ही नहीं रहीं हैं। बहनों का राखियों को लेकर अभी से बजट गड़बड़ा गया है। हालांकि अभी व्यापारियों का कहना है कि रक्षाबंधन करीब आते चांदी के भाव कुछ टूट सकते हैं।
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चांदी के दाम बढ़े होने के चलते इस बार चांदी की राखियों की सेल अभी हल्की है। बाद में रक्षाबंधन के करीब बढ़ेगी, लेकिन पहला जैसा व्यापार हो उम्मीद नहीं है। - रचित अग्रवाल, सराफा कारोबारी
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चांदी पर ही सारा कारोबार चलता है लेकिन रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर अगर चांदी के दाम पिछले साल की अपेक्षा दोगुने हैं तो राखियों का कारोबार कम ही होगा। प्रियांश अग्रवाल, सराफा कारोबारी