दवा काउंटर पर कतार में लगी महिलाएं। संवाद
- फोटो : mathura
पीलीभीत। चिलचिलाती गर्मी शरीर में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) बना रही है। इससे त्वचा संबंधी अन्य समस्याएं भी बढ़ रहीं हैं। घमोरी, दाद-खाज, फोड़े-फुंसी, फंगल इंफेक्शन लोगों को परेशान कर रहा है। जिला अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ कक्ष में रोजाना 250 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं।
पिछले पांच दिनों से गर्मी का कहर जारी है। लोगों का हाल-बेहाल है। सूरज की तेज किरणें लोगों की त्वचा पर असर डाल रही है। ऐसे में जिला अस्पताल में भी त्वचा संबंधी मरीजों की ओपीडी बढ़ गई है। बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे से ही मरीजों की भीड़ उमड़ी। त्वचा कक्ष में 250 से अधिक मरीजों की ओपीडी रही। महिला-पुरुष दोनों पर्चा काउंटर पर लंबी लाइन दिखी। पैथालॉजी लैब के बाहर मरीजों की भीड़ धक्का-मुक्की करती नजर आई। त्वचा रोग विशेषज्ञ शशांक त्यागी ने बताया कि शरीर में आने वाला पसीना फंगल इंफेक्शन, दाद, खाज-खुजली को जन्म देता है। तेज धूप की गर्मी शरीर पर घमोरियां बना देती हैं। गर्मी से त्वचा बचाव के लिए नियमित ठंडे पानी से स्नान करें। पानी युक्त फल तरबूज, खरबूज का सेवन करें। हल्के व सादे रंग के कपड़े पहनें। धूप में निकलने से परहेज की आवश्यकता है।
शरीर में घमोरियों की समस्या हो गई थी। दवा ली है, डॉक्टर ने धूप में निकलने से परहेज करने को बताया है।
- बाबूराम, पतरासा कुंवरपूर
फोटो:
शरीर में लंबे समय से त्वचा पर धूप में जलन की समस्या बनी रहती है। चिकित्सक ने दवाओं के साथ भरपूर पानी युक्त फल खाने की सलाह दी है।
- रोशन लाल, पूरनपुर
दवा काउंटर पर कतार में लगी महिलाएं। संवाद- फोटो : mathura
दवा काउंटर पर कतार में लगी महिलाएं। संवाद- फोटो : mathura