केंद्रीय बजट में दिव्यांग सहारा योजना की घोषणा की गई है। इससे पीलीभीत जिले में संचालित प्रदेश के पहले प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र को और मजबूती मिलेगी। दिव्यांगजन और समूहों को प्रशिक्षण के साथ ही आजीविका के बेहतर अवसर मुहैया होंगे।
केंद्रीय बजट में दिव्यांगजन का खास ख्याल रखा गया है। दिव्यांग कौशल और दिव्यांग सहारा योजना पीलीभीत जिले के दिव्यांगजन का सहारा बनेगी। इन योजनाओं से दिव्यांग समूह सशक्त एवं प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र और मजबूत होंगे। दिव्याशा केंद्र दिव्यांगजन के लिए और अधिक मददगार बनेगा।
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पीलीभीत जिले में प्रदेश का पहला प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र संचालित है। एलिम्को के सहयोग से इस केंद्र से दिव्यांगों और 60 वर्ष या इससे अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गों की जांच और सहायक उपकरण मुहैया कराए जाते हैं। रविवार को केंद्रीय बजट में दिव्यांग सहारा योजना की घोषणा की गई है। इससे सभी पात्र दिव्यांगजन को उच्च गुणवत्ता वाले सहायक उपकरण मुहैया कराना है।
प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्रों को मजबूत करने पर जोर
इस योजना से उपकरण मुहैया कराने के लिए भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण( एलिम्को) को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उपकरणों का उत्पादन बढ़ेगा। साथ ही प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्रों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया है। उधर, दिव्यांग कौशल योजना से दिव्यांगजन और समूहों को प्रशिक्षण के साथ ही आजीविका के बेहतर अवसर मुहैया कराने पर जोर दिया गया है। इन दोनों योजनाओं से जिले के 35 हजार से अधिक दिव्यांगों को काफी मदद मिलेगी।
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दिव्यांग पुनर्वास एवं दिव्याशा केंद्र के जिला समन्वयक सुखबीर सिंह भदौरिया ने कहा कि केंद्रीय बजट दिव्यांगजनों के लिए बहुत ही हितकारी है। कौशल योजना से दिव्यांगजन के लिए आजीविका के अवसर बढ़ेंगे। जिले में संचालित दिव्याशा केंद्र की मजबूती की बात भी बजट में कही गई है। इससे दिव्यांगजन को काफी मदद मिलेगी।