शहर के मदरसा सरचश्मा-ए-हिदायत अलजामेअतुल रजविया मदीनातुल इस्लाम में शुक्रवार को मुफ्ती-ए-आजम-ए-हिंद कांफ्रेंस, उर्स-ए-आला हजरत और उर्स अलहाज हिदायत रसूल व उर्से मोहद्दिसे पीलीभीत, मुफ्ती करामत रसूल अजहरी और जश्ने दस्तारबंदी शानो शौकत से मनाया गया।
खलीफा-ए-मुफ्ती-ए-आजम हिंद हजरत अल्लामा कारी अमानत रसूल की सदारत रही। हाफिज इनायत रसूल की कयादत में हुई कांफ्रेंस की शुरूआत हाफिज शान रजा अमानती ने तिलावते कलाम पाक से किया। जिसमें मुफ्ती बहाउल मुस्तफा, मुफ्ती शकील, कारी शरीफ कारी फैजुन्नबी, मुफ्ती मोहम्मद आकिल, मुफ्ती मोहम्मद अनवर अली, मुफ्ती अफरोज, मुफ्ती रिजवान, मुफ्ती मोहम्मद तय्यब, मुफ्ती आशिक अली आदि ने तकरीर की। उलमा-ए-किराम अल्लामा मोहम्मद अहमद रजा मंजरी छत्तीसगढ़, मुफ्ती सलीम नूरी ने मोहदिदसे पीलीभीत मुफ्ती करामत रसूल की सीरत बयान करते हुए उनके आलमी पैगाम व मसलके आला हजरत की खिदमात पर रोशनी डाली। मौलाना नसीम मिस्वाही, मौलाना अबरार अहमद, मौलाना कासिम रजा बरखन, मौलाना कबीर अहमद, मौलाना गुलाम गौस, कारी गुलाम नबी रामपुरी, मौलाना शहाबुद्दीन रजवी, मौलाना वली मोहम्मद रामपुरी ने खिताब किया। शायरों में कारी रजा-ए-रसूल, सईद अख्तर जोखनपुरी, मजहर इलाहाबादी, आमिर जफर, शकील साबरी, मौलाना अकरम रजा, मोअज्जम रजा ने कलाम सुनाया। इस दौरान खलीफा-ए-मुफ्ती-ए-आजमे हिंद हजरत अल्लामा कारी मोहम्मद अमानत रसूल की लिखी हुई तीन पुस्तकें उलमा व मशाइखे आलम की नजर में पंद्रहवीं सदी का मुजदिदद, बानवे हदीसों का लासानी मजमूआ व सवाने हजरत मुनव्वर अली शाह का विमोचन खानकाहे रजविया बरेली के सज्जादानशीन हजरत मौलाना सुब्हान रजा खां सुब्हानी मियां ने किया। अंत में मुल्क व कौम की सलामती व तरक्की के लिए दुआ फरमाई गई। इस मौके पर हजरत सैय्यद राशिद मियां, हजरत सैय्यद कमर मियां, हजरत सैय्यद असलम मियां, सैय्यद मोहम्मद हुसैन मियां, हजरत मुस्तहसन नूरी मियां, नायब सज्जादानशीन हजरत हाफिज हफीज मियां, सैय्यद बलागत रसूल, सैय्यद शाहजाद अली, रजाए-एकेडमी मुंबई के चेयरमैन अलहाज सईद नूरी व मॉरीशस से आए हाजी अली रजवी ने शिरकत फरमाई। अंत में खलीफा-ए-मुफ्ती-ए-आजमे हिंद मौलाना कारी अमानत रसूल ने सलातो सलाम के बाद मुल्क में अमन, चैन व भाईचारा बनाए रखने के लिए दुआ फरमाई।