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Pilibhit News: विलय हुए स्कूलों में रहा सन्नाटा, एक से दो किमी दूर बच्चों को भेजने से कतरा रहे अभिभावक

Tue, 01 Jul 2025 06:03 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत

सार

गर्मी की छुट्टी के बाद मंगलवार से सभी स्कूल खुल गए। उत्साह के साथ बच्चे स्कूल पहुंचे, लेकिन विलय हुए स्कूलों में सन्नाटा पसरा रहा। यहां पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे दूसरे स्कूल में नहीं गए। अभिभावक भी उन्हें दूर भेजने से कतरा रहे हैं। 
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प्राथमिक विद्यालय मुडलिया इलाही वख्श - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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एक जुलाई को पीलीभीत जिले के अधिकांश स्कूलों में बच्चों के चहकने की आवाजें गूंजी। वहीं विलय वाले स्कूलों में सन्नाटा पसरा रहा। इन स्कूलों को अब बच्चों का इंतजार रहेगा। पता नहीं बच्चों की आवाज इन स्कूलों में फिर कब गूंजे... यह सोचकर इन स्कूलों के शिक्षक, अभिभावक और गांव के ग्रामीण भी उदास हैं। मंगलवार को ब्लॉक अमरिया, बरखेड़ा, बिलसंडा के विलय वाले स्कूलों की पड़ताल में सामने आया कि अभिभावकों ने गांव से एक से दो किमी दूर बच्चों को भेजने से इनकार किया है।

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मंगलवार सुबह 8:30 बजे अमरिया ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मुडलिया इलाही बख्श का माहौल काफी शांत दिखा। इस स्कूल को चठिया नियाज अहमद में सम्मिलित किया गया है। स्कूल में 16 बच्चे पंजीकृत हैं। एक शिक्षिका की तैनाती है। स्कूल में मौजूद शिक्षिका ने बताया कि बच्चों और अभिभावकों को सूचना देने आए हैं। कहा कि बच्चों को स्कूल लाने के लिए काफी मेहनत करती थीं। अब बच्चों का यहां से करीब दो किमी दूर जाना मुश्किल लग रहा है। 

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ब्लॉक बरखेड़ा के दो प्राथमिक विद्यालय नकटा मुरादाबाद और गुलड़ा को कंपोजिट विद्यालय मचवाखेड़ा में विलय किया गया है। नकटा मुरादाबाद से मचवाखेड़ा पहुंचने में बच्चों को हाईवे के किनारे से होकर आना पड़ेगा। वहीं गुलड़ा से आने वाले बच्चों को रेलवे अंडरपास में भरे पानी को पार करना होगा। इन दिक्कतों को लेकर अभिभावक बच्चों को स्कूल न भेजने की बात कह रहे हैं। 

गुलड़ा निवासी नीरज ने बताया कि उनके दो बच्चे गांव के स्कूल में पढ़ते थे। अब मचवाखेड़ा भेजना मुश्किल होगा। किसी अन्य विद्यालय में प्रवेश कराएंगे। वहीं कंपोजिट विद्यालय मचवाखेड़ा के परिसर में पानी भरा नजर आया।

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