पीलीभीत। मुठभेड़ में मारे गए खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के तीनों आतंकियों को पूरनपुर में ठहराने के लिए स्थानीय मददगार को इंग्लैंड से फोन आया था। मददगार गांव से ही एक अन्य लड़के को लेकर पूरनपुर पहुंचा और आतंकियों को नगर के एक ढाबे पर खाना खिलाया।
खालिस्तानी आतंकियों के हर जी होटल में ठहरने और सीसीटीवी फुटेज हाथ लगने पर पुलिस ने फुटेज में दिखे उनके मददगार दो युवकों को हिरासत में लिया है। इन पर केस भी दर्ज किया गया है। पकड़े गए गांव गजरौला जप्ती निवासी जसपाल सनी ने पुलिस की पूछताछ में आतंकियों से संबंधित कई अहम बातें बताई हैं।
बताया जा रहा है कि आतंकियों के पूरनपुर पहुंचने से पहले शुक्रवार शाम जसपाल सनी को इंग्लैंड से फोन आया था। यह कॉल किसी सिद्धू नाम के उसके साथी ने की थी। फोन कर बताया कि उसके तीन साथी पूरनपुर पहुंच रहे हैं। उनकी मदद करनी है। कहीं ठहराना है। फोन आने के बाद उसने गांव के ही दीपक को साथ लिया और पूरनपुर आ गया। जहां तीनाें आतंकी उसका इंतजार करते मिले।
इंग्लैंड से ही व्हाट्सएप पर आए फर्जी आधार
बताया जा रहा कि आतंकियों को होटल में ठहराने के लिए भेजे गए फर्जी आधार भी इंग्लैंड से ही भेजे गए थे। इन आधार के सहारे ही तीनों को होटल में रोका गया। तीनों आतंकी हर जी होटल के कमरा नंबर 105 में ठहरे थे। पुलिस ने इस कमरे को सील कर दिया है। कई अन्य पहलुओं पर भी जांच की जा रही है।
पहले पूरनपुर और बाद में गजरौला जप्ती में रुका था सिद्धू
सूत्रों के अनुसार जसपाल सनी को इंग्लैंड से फोन करने वाला हरियाणा के जींद इलाके का सिद्धू नाम का युवक करीब डेढ़ वर्ष पूर्व पूरनपुर आया था। रहन-सहन और अन्य बातों से उसने कई दोस्त बना लिए। यह भी कहा जा रहा है कि सिद्धू कुछ महीने गजरौला जप्ती गांव में भी किसी के घर रहा है। यहां से वह किसी तरह ग्रीस चला गया। बाद में इंग्लैंड चला गया। उसने इंग्लैंड से ही जसपाल को फोन कर मदद करने की बात कही थी। बताया जा रहा है कि सिद्धू के ग्रीस जाने के बाद हरियाणा पुलिस उसकी तलाश करते हुए पूरनपुर पहुंची थी।
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तीनों अपराधियों को होटल पहुंचाने वाले युवकों पर केस दर्ज किया गया है। इनसे पूछताछ की जा रही है। आरोपी जसपाल उर्फ सनी ने इंग्लैंड के नंबर से कॉल आने की बात कही है। जांच की जा रही है।
- अविनाश पांडेय, एसपी