कलीनगर। शारदा डैम में प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। सख्ती के दावों बीच शिकारी प्रवासी पक्षियों का शिकार कर मांस की बिक्री में जुटे हैं। वनकर्मी निगरानी के नाम पर औपचारिकताएं निभा रहे हैं। तीन दिन पूर्व मांस के साथ आरोपी के पकड़ने के मामले ने सुरक्षा दावों की पोल भी खोल दी है।
कलीनगर तहसील के अंतर्गत तराई क्षेत्र में 22 किलोमीटर लंबा शारदा डैम है। डैम से सटे इलाके में शारदा नदी, टाइगर रिजर्व का जंगल और नेपाल की शुक्ला फांटा सेंचुरी है। वन्यजीवों की सुरक्षा के नाम पर इस क्षेत्र में पीटीआर की दो चौकियां स्थापित की गई हैं। चंद स्टाफ के सहारे सुरक्षा की जा रही है। इसका फायदा शिकारी जमकर उठाते हैं।
पक्षियों को मारकर उनके मांस को बेचा जा रहा है। तीन दिन पूर्व सूचना पर रमनगरा पुलिस चौकी की टीम ने एक आरोपी को पकड़ा था। मौके से करीब चार किलो प्रवासी पक्षियों का मांस बरामद हुआ था। चार आरोपी भागने में सफल हुए थे। रेंजर अरुण मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है। क्षेत्रीय टीम को नियमित रूप से डैम क्षेत्र में गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
नेपाल तक बेचा जाता है मांस
प्रवासी पक्षियों का मांस नेपाल तक बेचा जा रहा है। कई बार शिकारी पकड़े जा चुके हैं। हर बार वनकर्मी उत्तराखंड की सीमा में शिकार होने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से पलड़ा झाड़ लेते हैं।
मछलियों पर भी संकट डैम क्षेत्र में छोटी नावों से मछली का शिकार किया जा रहा है। लगातार शिकार होने से मछलियों की प्रजातियां भी डैम में कम होने की बात सामने आ रही है।