बिलसंडा। ब्लॉक क्षेत्र के गांव मरौरी खास में चल रही रामकथा में राम वनवास की कथा सुनाई गई।
कथा वाचक पंकज मिश्रा ने कहा कि राजा दशरथ ने रानी कैकेई को दो वरदान दिए। रानी कैकई ने एक वरदान में भरत को राजगद्दी और दूसरे में भगवान राम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगा। जिसे सुनकर राजा दशरथ सन्न रह गए और व्याकुल हो उठे।
इधर भगवान राम को पता चला तो वह वनवास जाने के लिए तैयार हो गए। उनके साथ माता सीता और भाई लक्ष्मण भी वन चलने को तैयार हो गए। सभी पिता और माताओं से आज्ञा लेकर वन के लिए चल दिए। यहीं कथा को विराम दिया गया। विपिन शुक्ला, कमल अवस्थी, नेकपाल, नेपाल सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे। संवाद