पीलीभीत। हकलाने, तुतलाने व शब्दों का स्पष्ट उच्चारण नहीं कर पाने की समस्या से जूझ रहे मरीजों के लिए जिला अस्पताल में स्पीच लैंग्वेज पैथोलॉजिस्ट का पद खाली है। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के ईएनटी विभाग में कानों की सुनने की क्षमता जांचने के लिए ऑडियोमेट्री की सुविधा तो मिल रही है, लेकिन स्पीच लैंग्वेज पैथोलॉजिस्ट के अभाव में बोलने व भाषा संबंधी समस्याओं के उपचार प्रभावित चल रहा है। मरीजों के लिए स्पीच थेरेपी कक्ष भी बनाया गया है, लेकिन पैथोलॉजिस्ट के अभाव में स्पीच थेरेपी की सेवा नहीं मिल पा रही है।
मेडिकल कॉलेज बनने के बाद संबद्ध जिला अस्पताल में ईएनटी विभाग में अधूरी सेवाएं पूरी होनी थीं, लेकिन अनदेखी के चलते परेशानी बढ़ी हुई है। जैसे-तैसे अस्पताल प्रशासन ऑडियोमैट्रिस्ट मिलने के बाद ऑडियोमैट्री (सुनने के क्षमता की जांच) सुविधा शुरू कर पाया। लेकिन अभी स्पीच लैंग्वेज पैथोलॉजिस्ट का अभाव बना हुआ है।
इससे मरीज के बोलने, शब्दों का उच्चारण करने, आवाज निकालने व भाषा समझने व व्यक्त करने की क्षमता का आकलन करने आदि की स्पीच थेरेपी नहीं हो पा रही है। जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि स्पीच थेरेपी जल्द ही शुरू होने की संभावना है। यह सुविधा भी मरीजों के लिए आसान हो जाएगी।