समायोजन निरस्त होने के विरोध में शिक्षामित्रों का चल रहा आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा। शनिवार को हुए धरना प्रदर्शन के बीच शिक्षामित्रों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी और सम्मान सहित वापसी न होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। इस दौरान भूख हड़ताल पर बैठी एक महिला शिक्षामित्र की हालत बिगड़ गई। बुद्धि शुद्धि हवन भी हुआ। जिसमें कई शिक्षामित्रों ने आहुतियां दीं। वहीं माध्यमिक शिक्षक संघ समेत अन्य संगठनों ने धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन दिया।
आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, प्राथमिक शिक्षामिश्र संघ और संयुक्त सक्रिय समिति के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को भी बीएसए कार्यालय परिसर में धरना जारी रखा। इस दौरान शिक्षमित्रों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। पहले दिन त्रिलोकी नाथ, बृजेश कुमार, महेश कुमार, कमलेश कुमार, धर्मश्री, सीमा देवी, हेमा सिंह, रेखा देवी, प्राची अग्निहोत्री, सरोज कुमार, राखी राठौर भूख हड़ताल पर बैठे। धरनास्थल पर हुई सभा में कहा गया कि पिछले एक दशक से अधिक समय शिक्षामित्र जिले के बेसिक शिक्षा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आ रहे हैं। परिषदीय स्कूलों के शैक्षिक स्तर में बदलाव भी देखा जा रहा है। इन सबके बावजूद समायोजन को निरस्त कर कर्तव्यनिष्ठा से कार्य कर रहे शिक्षामित्रों के साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जिससे उनके आगे रोजी रोटी का सवाल खड़ा हो गया। यदि जल्द ही शिक्षामित्रों के मामले में कोई कदम नहीं उठाया गया तो शिक्षामित्र कोई भी आत्मघाती कदम उठा सकते हैं। धरनास्थल पर एकस्वर में केंद्र और प्रदेश सरकार से अध्यादेश लाकर सम्मान सहित वापसी की मांग की गई। इधर सुरक्षा की दृष्टि से सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश मिश्रा, सीओ सिटी धर्म सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहे। संचालन जूनियर शिक्षक संघ के संतोष कुमार ने किया। धरना देने वालों में महेंद्रपाल वर्मा, राम सिंह राठौर, अमरजीत, तीरथदेव, हरिओम पांडेय, नरेंद्र पाल सिंह, वीर सिंह गंगवार, गोपालकृष्ण, हरीश शर्मा, रामवीर माथुर, कामिल हुसैन, महेश कुमार वर्मा, राधाकृष्ण कुशवाहा, इंद्रपाल, नीतू सैनी, सर्वेश स्वर्णकार, मीना, मोबीना बेगम, राजेश्वरी, भावना, विमला देवी, उर्मिला देवी, लक्ष्मी कटियार, शांती ध्यानी समेत कई शिक्षामित्र शामिल रहे।
बुद्धि शुद्धि यज्ञ में दी आहुतियां
शनिवार को भूख हड़ताल के साथ ही बुद्धि शुद्धि यज्ञ भी हुआ। यज्ञ सूर्यकांत मिश्रा, रामप्रकाश अवस्थी, सुमन पांडेय द्वारा संपन्न कराया गया। जिसमें भूखहड़ताल पर बैठे शिक्षामित्रों के अलावा कई अन्य शिक्षामित्रों ने वैदिक श्लोकों का उच्चारण कर आहुतियां दीं।
भूख हड़ताल पर बैठी महिला शिक्षामित्र की हालत बिगड़ी
बीएसए कार्यालय परिसर में शनिवार से शुरू हुई भूख हड़ताल में पहले दिन 11 शिक्षामित्र बैैठे। भूख हड़ताल में प्राथमिक विद्यालय गजरौला खास की शिक्षामित्र प्राची अग्निहोत्री भी बैठी, लेकिन कुछ देर बाद ही एकाएक उनकी हालत बिगड़ गई। इससे शिक्षामित्रों में हड़कंप मच गया। हालांकि कुछ देर बाद उनकी हालत में सुधार देखा गया।
बरसात नहीं डिगासकी शिक्षामित्रों को
धरना प्रदर्शन के दौरान शनिवार को एकाएक बरसात शुरू हो गई, लेकिन बरसात भी आंदोलनरत शिक्षामित्रों के कदम नहीं डिगा सकी। छात्रों और प्लास्टिक के तिरपाल के सहारे शिक्षामित्र धरना स्थल पर डटे रहे।
माशिसं समेत कई संगठनों ने दिया समर्थन
धरना स्थल पर शनिवार को माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष और प्रधानाचार्य परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने संगठन की ओर से अपना समर्थन दिया। कहा कि शिक्षामित्रों के मामले से विधान परिषद सदस्य डॉ. यज्ञदत्त शर्मा को को अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने इस प्रकरण को विधान परिषद में उठाने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा विशेष शिक्षा शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, जूनियर शिक्षक संघ, जूनियर अनुदेशक कल्याण समिति, प्राथमिक शिक्षक संघ आदि संगठनों ने अपना समर्थन दिया।
शनिवार को भी बंद रहे 100 से अधिक स्कूल
शिक्षामित्रों के धरना प्रदर्शन में शामिल होने के चलते शनिवार को भी जिले के करीब 100 परिषदीय स्कूल बंद रहे हैं। जिले के कई स्कूल शिक्षामित्रों के सहारे ही संचालित किए जा रहे हैं। ऐसे में शिक्षामित्रों के स्कूल न जाने के कारण स्कूलों में ताले पड़े रहे। इसके चलते स्कूल पहुंचे बच्चों को बैरंग लौटना पड़ा। हालांकि महकमे द्वारा अन्य विद्यालयों के शिक्षकों को अटैच कर शिक्षण कार्य कराने का दावा किया जा रहा है।