स्था रमनगरा घाट पर बुधवार अपराह्न करीब तीन बजे शारदा नदी के पार जा रही यात्रियों से भरी नाव पलट गई। इसमें तीन महिलाओं समेत आठ लोग डूब गए। हालांकि सभी को बचा लिया गया जब कि नाव पर रखी दो बाइक व अन्य सामान बह गये।
शारदा नदी के रमनगरा घाट की चौड़ाई लगभग डेढ़ किमी है, लेकिन इन दिनों पानी घट गया है। इससे नदी की चौड़ाई मात्र सौ मीटर बची है। नदी पार करने वाले यात्रियों की संख्या जब अधिक हो जाती है तो बड़ी नाव का प्रयोग किया जाता है, छोटी नाव का संचालन स्थानीय लोग स्वयं करते हैं। इस घाट का ठेका पहले मलिन सरकार का था, लेकिन एक नवंबर से यह ठेका रमनगरा के राकेश सरकार को दिया गया है।
बुधवार को माधोटांडा निवासी रघुवीर, उसकी मां मुन्नी, भतीजी सरिता, रमनगरा के महादेव, उसकी पत्नी व दो साल की बेटी समेत आठ लोग घाट पर छोटी नाव से नदी पार जा रहे थे। नाव पर रघुवीर व महादेव की दो बाइक, महादेव का एक बोरा चावल, रघुवीर का दस लीटर डीजल व खाने का सामान रखा था। नाव गहरे पानी वाले क्षेत्र में जैसे ही पहुंची बोरे से चावल गिरने लगे। इसे महादेव सही करने लगा, तभी नाव का संतुलन बिगड़ गया। कुछ ही देर में वह पलट गई। सभी नाव सवार पानी में बहने लगे। शोर सुनकर नदी के पास मौजूद लोगों ने सभी को बचाने की कोशिश की। जैसे तैसे लोगों को पानी से निकाल लिया गया। रघुवीर ने बताया कि भतीजी सरिता तो ठीक है, लेकिन मां मुन्नी देवी की हालत खराब है इसलिए उन्हें पीलीभीत ले जाया गया है। रघुवीर ने यह भी बताया कि घाट पर एक बड़ी व एक छोटी नाव है। बड़ी नाव मल्लाह बाबू चलाता है व छोटी नाव को क्षेत्र के लोग अधिकतर स्वयं की चलाकर नदी पार कर लेते हैं। आज भी वह और महादेव नदी पार कर रहे थे। इधर घाट के मल्लाह बाबू ने बताया कि वह अपने घर आया था, इसी बीच ये लोग जल्दी जाने के चक्कर में खुद नाव लेकर नदी पार करने लगे और हादसा हो गया।
14 लोगों की डूबने से हो चुकी है मौत
करीब एक दशक पूर्व इसी घाट पर नदी पार करने के दौरान नाव पर सवार 14 लोगों की डूबकर मौत हो गई थी। उस दौरान बाढ़ आई थी। डूबने वाले अधिकांश यात्री रमनगरा व ढकिया ताल्लुके महाराजपुर के थे।