शारदा सागर डैम में लगातार बढ़ रही सिल्ट के सर्वे के लिए कानपुर की टीम
यहां पहुंची है। शुक्रवार को टीम के सदस्यों ने ड्रोन कैमरों की मदद से
सिल्ट का सर्वे शुरू कर दिया।
22 किमी लंबे शारदा सागर डैम में शारदा
पोषक नहर से जल भरने के दौरान काफी मात्रा में सिल्ट पहुंच रही है। कई
सालों से जमा हो रही इस सिल्ट के कारण डैम की क्षमता काफी कम हो गई है। गत
वर्ष क्षेत्र के दौरे पर आए कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने भी इसे साफ
कराने को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए थे, लेकिन प्रस्ताव नहीं बन सका।
इसके बाद शासन ने इसको गंभीरता से लिया और डैम में जमा हो रही सिल्ट को साफ
कराने से पहले उसका सर्वे कराने को कानपुर की एक निजी कंपनी को ठेका दिया।
बृहस्पतिवार को कानपुर की टीम चूका पहुंची और शुक्रवार को सुबह काम शुरू
किया। टीम के इंजीनियर अंजनि कुमार उपाध्याय और महेश कुमार ने डैम के जीरो
किलोमीटर से सर्वे शुरू किया। इसमें ड्रोन कैमरों की मदद से डैम का सर्वे
किया जा रहा है, साथ टीम के कुछ सदस्य डैम के अंदर की स्थिति का आंकलन कर
रहे हैं। इस मौके पर शारदा सागर खंड के जेई वीरेंद्र यादव व राजेश्वर भी
मौजूद रहे। जेई ने बताया कि तीन चार दिन में सर्वे का काम पूरा हो जाएगा।
इस सर्वे के आधार पर सिल्ट सफाई का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा। यदि
स्वीकृति मिलती है तो डैम की सिल्ट साफ कराकर इसकी वास्तविक क्षमता के
अनुसार पानी भंडारण किया जा सकेगा।