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शारदा डैम के साथ हो रहा खिलवाड़, अफसर मौन

Sat, 26 Dec 2015 11:26 PM IST
Madotanda
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शारदा डैम के वर्जित क्षेत्र में हो रहे अतिक्रमण को रोक पाने में सिंचाई महकमे के अफसर नाकाम साबित हो रहे हैं। यही वजह है कि पहले तो झोपड़ियां डाली गई और अब पक्के निर्माण तेजी से किए जा रहे हैं।
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पहले अस्थाई रूप से था बसाया
शारदा सागर डैम मिट्टी से बना 22 किमी लंबा डैम है। यहां पहले डैम के बाहरी हिस्से के सीपेज व वर्जित क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण पर पाबंदी थी। पिछले सालों में बाढ़ से बेघर हुए लोगों को डैम के कुछ भाग पर अस्थाई रूप से बसाया था, लेकिन बाढ़ पीड़ितों की आड़ में जीरो किमी से लेकर 17 किमी तक वर्जित क्षेत्र में लोग अतिक्रमण करते गए।
अब खेती के साथ पक्के निर्माण की आई बाढ़
मौजूदा स्थिति पर गौर करें तो यहां बड़े पैमाने पर पक्का निर्माण शुरू किए गए हैं। अस्थाई झोपड़ियों की आड़ में लोग पक्का निर्माण तेजी से करा रहे हैं। यह सब डैम के दो सौ मीटर वर्जित क्षेत्र की परिधि में हो रहा है। वहीं सीपेज वाली भूमि पर केले समेत अन्य फसलें पैदा की जा रही है। विभाग के अभियंताओं के मुताबिक यह सब अतिक्रमण डैम के लिए बड़ा खतरा है।
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वर्जित क्षेत्र से हटाने को किए थे आवासीय पट्टे
शारदा डैम के वर्जित क्षेत्र से बाढ़ पीड़ितों को हटाने के चलते तत्कालीन डीएम कौशलराज शर्मा के निर्देश पर चार सौ से अधिक आवासीय पट्टे किए गए थे। ताकि बाढ़ पीड़ित वर्जित क्षेत्र से हट जाए। इधर, बाढ़ पीड़ितों का कहना था कि जहां पट्टे किए गए हैं, वह भी नदी के निकट का निचला इलाका है।  
सूची बनाई, नहीं की कार्रवाई
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के निर्देश पर जिलेदार सहित सींचपालों ने अतिक्रमणकारियों की सूची भी बनाई थीं। दो बार पांच-पांच सौ से अधिक अतिक्रमणकारियों की सूचियां बनाकर भेजी गई थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।   
चार्ज लेने से पूर्व जिलेदार ने अतिक्रमणकारियों की सूची बनाकर दी थी। अधिकारियों के निर्देश पर खुद भी सूची बनाई। अब पक्के निर्माणों की सूची भी बनाकर अफसरों को भेजी जाएगी।
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सुरेंद्रपाल सह, जिलेदार, शारदा सागर खंड
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