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शारदा डैम के वर्जित क्षेत्र में बसे हैं 557 परिवार

Wed, 17 Aug 2016 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  माधोटांडा।
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शारदा नदी - फोटो : अमर उजाला
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इन सभी को हटाने की हो सकती है कार्रवाई
अफसरों के निर्देश पर किया गया सूचीबद्ध
शारदा सागर डैम के वर्जित क्षेत्र में अवैध रूप से 557 परिवार बसे हैं। अफसरों के निर्देश पर इन्हें सूचीबद्ध किया गया है। सूची शारदा सागर खंड के अधिशासी अभियंता को भेजी जा रही है। वर्जित क्षेत्र में बसे इन परिवारों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
शारदा डैम की सुरक्षा से इन दिनों जमकर खिलवाड़ किया जा रहा है। डैम के बाहरी और भीतरी दोनों ही हिस्सेे न केवल कमजोर होते जा रहे हैं, बल्कि अन्य खतरे भी बढ़ रहे हैं। इसमें डैम के बाहर 200 मीटर चौड़ाई वाले वर्जित क्षेत्र में बसी आबादी भी सुरक्षा को बड़ा खतरा बनती जा रही है। कुछ दिन पहले बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का दौरा करने आए अधिकारियों ने डैम के वर्जित क्षेत्र में आबादी बसी देखकर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद शारदा सागर खंड के अधिशासी अभियंता हरीश चंद्र यादव ने वर्जित क्षेत्र में बसे परिवारों को सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए थे। जिलेदार सुरेंद्रपाल ने बताया कि जीरो से दो किमी तक 90 परिवार, दो से चार किमी तक 325, चार से छह किमी तक 148, छह से आठ किमी तक 61 तथा आठ से दस किमी तक 33 परिवारों को चिन्हित किया गया है। इन सभी ने झोपड़ी और पक्के निर्माण कर रखे हैं। कुछ लोग दुकानें बनाकर व्यवसाय भी कर रहे हैं। अब यह सूची अधिशासी अभियंता को भेजी जा रही है। 
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 इधर, शारदा डैम की देखरेख करने वाले अभियंता वीरेंद्र सिंह यादव और रामेश्वर दुबे ने बताया कि शारदा सागर खंड ने अपना 200 मीटर चौड़ाई का एरिया छोड़कर शेष 1100 एकड़ भूमि राजस्व विभाग को कई साल पहले ट्रांसफर कर दी थी। ऐसे में वर्जित क्षेत्र में अवैध कब्जा करने वाले राजस्व विभाग से मिलकर उस इलाके में आबादी बसा सकते हैं। मालूम हो कि तत्कालीन डीएम कौशल राज शर्मा ने वर्जित क्षेत्र में बसे 636 परिवारों को मठइयालालपुर में आवासीय पट्टे किए थे, लेकिन भूमि नदी के किनारे होने के चलते लोगों ने वहां बसने से इंकार करते हुए रमनगरा में बसाने की मांग की थी।

शारदा ने 34 किसानों की 84 एकड़ भूमि लीली
 कालोनी की ओर कटान तेजी से होने पर हड़कंप
हजारा। शारदा नदी गांव नहरोसा के समीप तेजी से भूकटान कर रही है। नदी ने तीन दिन में 34 किसानों की 84 एकड़ भूमि लील ली। नहरोसा कालोनी की ओर शारदा नदी का रूख होने पर कालोनी के लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। 
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शारदा नदी जलस्तर कम होने पर तेजी से भूकटान कर रही है। नदी ने तीन दिन में नहरोसा निवासी रसीद की दो, साहबुद्दीन की दो, सब्बाग की ढ़ाई, रामेश्वर की तीन, हाशिम की एक, शमशाद की तीन, रियाज की दो, पूर्व प्रधान शम्मू की दो, अलाउद्दीन की ढ़ाई, शान मोहम्मद की ढ़ाई, छोटे खां की दो, इंतजार की डेढ़, हबीब की डेढ़, रऊफ, राजू, तकसीर, मोहसिन, इरशाद की आधा-आधा, कुलदीप सिंह की ढ़ाई, आजाद की तीन, नौशाद की 24, रफीक की ढ़ाई, महबूब की तीन, जमाल की दो, तसब्बर की डेढ़, रफीक की दो, तकसीर की तीन, विदेशी की तीन, लालजीत की तीन, भवानी की तीन, जगदीश, साधू, रामू की एक-एक एकड़ कृषि भूमि लील ली। नदी नहरोसा की पंजाबी कालोनी के निरंजन सिंह की विधवा प्यारा कौर, तरसेम सिंह, गुरनाम सिंह, गुरदीप सिंह, बूटा सिंह के घरों की ओर कटान करती हुई आग बढ़ रही है। इससे उक्त लोग अपने घरों से सामान हटाने में जुटे हैं। तेजी से हो रहेे भूकटान से क्षेत्र के लोग दहशत में है। लोगों ने कारसेवा शुरू कर कटाने को रोकने के प्रयास शुरू किए है। 
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