मुख्यमंत्री पर तंज, बोले- संन्यासी होकर चला रहे संस्कारिक पद
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा, किसी भी संप्रदाय से अगर कोई व्यक्ति हिंदू धर्म में संन्यासी हो गया है तो वह संस्कारिक पद छोड़कर सनातन धर्म की रक्षा व धर्मप्रचार-प्रसार का कार्य करता है। जबकि नाथ संप्रदाय के योगी आदित्यनाथ खुद मुख्यमंत्री बने हुए हैं। जो कि अपने ही संप्रदाय के खिलाफ है।
दान से बनेगा गोआश्रय, प्रतिनिधित्व करेंगे पूर्व चेयरमैन
पीलीभीत में गायों की सेवा के लिए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने लोगों से गोसेवा के लिए गोआश्रय बनाने को कहा। उन्होंने सभी के सहयोग से यह काम करने को कहा। उन्होंने पूर्व चेयरमैन को अपने प्रतिनिधित्व में यह कार्य सौंपा।
'गाय को राष्ट्र माता घोषित न करने से हो रहा मोह भंग'
पूरनपुर में अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि गाय को राष्ट्र माता घोषित न किए जाने से उनका सरकार से मोहभंग हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुत्व के नाम पर सत्ता में आने के बावजूद केंद्र और प्रदेश सरकारों ने गो संरक्षण के लिए अपेक्षित कदम नहीं उठाए। उनका कहना था कि गाय को पशु की सूची से हटाकर राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाना चाहिए।
नगर के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने लोगों से गौरक्षा के लिए संकल्प लेने और केवल उन्हीं जनप्रतिनिधियों का समर्थन करने की अपील की जो गोमाता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हों। उन्होंने कहा कि शास्त्रों के अनुसार अधर्म को सहना भी अधर्म है और गोमाता पर अत्याचार स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने अनिल शास्त्री को गोरक्षा के लिए अपना प्रतिनिधि बनाया।