हजरत अब्दुल कादिर जीलानी सरकार गौसे आजम की याद में जुलूस-ए-गौसिया शान-ओ-शौकत के साथ निकाला गया। जुलूस के दौरान हुई तकरीरों में गौसे आजम की विलादत पर रोशनी डाली गई। जुलूस के चलते महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस बल मौजूद रहा।
शहर के खानकाहे आलिया हशमतिया मुशाहिदिया से शुक्रवार सुबह जुलूस-ए-गौसिया का आगाज हुआ। जुलूस खानकाह के सज्जादानशीन काजी-ए-शहर मौलाना जरताब रजा खां हशमती की कयादत में और दरगाह आला हजरत के मौलाना मुफ्ती तनहीम रजा खां की सरपरस्ती में निकाला गया। जुलूस शहर के बेेलों वाला चौराहा, कमल्ले चौराहा, शाहजी मियां की दरगाह, जुगनू पाकड़, छोटी मार्केट, शरीफ खां, बुजकसावान, मदीनाशाह लाल रोड, रंगी लाल चौराहा, सुनहरी मस्जिद, जेपी रोड, बरेली दरवाजा, मोहल्ला सरफराज, पकडिय़ा, पंजबियान चौराहा पहुंचा। यहां सज्जादानशीन मौलाना जरताब रजा खां ने गौसे आजम की जिंदगी पर तफसील से रोशनी डालते हुए कहा कि गौसे पाक जिंदा करामातों में एक करामात थे। लोग उनकी जिंदगी से सबक लें। मुफ्ती बुरहान रजा खां, हाफिज इसरार, मौलाना उमर रजा ने भी गौसे आजम की जिंदगी के बारे में बताया। यहां से जुलूस फीलखाना, खकरा होता हुआ पुन: खानकाहे आलिया हशमतिया मुशाहिदिया में पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस का कई स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर हाफिज इमरान, हाफिज शमशाद, तनवीर, रहवर नूर खां, अच्छन खां, मुश्ताक अहमद, मोहम्मद अजीम, आफताब कुरैशी, मुजीब रजा, सय्यद इज्जत अली, वसीम, साजिद समेत गुलाम गौस व अंजुमन गुलामाने गौस के लोगों ने शिकरत की।
पाकिस्तान पर भड़के मौलाना जरताब
जुलूसे गौसिया के दौरान मौलाना जरताब रजा खां ने कहा कि गौस-ए-आजम के दीवानों के शहर में कोई भी पाकिस्तानी तंजीम नहीं चलने दी जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन से दरख्वास्त करते हुए कहा कि जिले में पाकिस्तानी तंजीमें न चलने दी जाएं। प्रशासन या तो उन्हें निकालकर फेक दें या फिर यह जिम्मेदारी गौसे आजम के दीवानों को दे।
बेरीकेडिंग पार कर पहुंचे लोग
जुलूसे गौसिया के दौरान पंजाबियान चौराहा, फीलखाना पुलिया, धुनों वाली मस्जिद के समीप सुरक्षा की दृष्टि से बेरीकेडिंग कर भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा। जुलूस पंजाबियान चौराहा से होता हुआ फीलखाना पुलिस पर पहुंचा। यहां पर पुलिया के समीप लगी बेरीकेडिंग के दूसरी तरफ तमाम अकीदतमंद हाथों में माला लेकर खड़े थे। जुलूस में शामिल सज्जादानशीन की नजर जैसे ही वहां खड़े लोगों पर पड़ी, वह अपने समर्थकों के साथ बेरीकेडिंग पार करते हुए उस ओर पहुंच गए। उनके पीछे भी तमाम लोग सुरक्षा व्यवस्था का धता कर उस ओर पहुंच गए।
मुस्तैद रही सुरक्षा व्यवस्था
जुलूसे गौसिया सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार शर्मा और एएसपी सुधीर कुमार सिंह की देखरेख में निकाला गया। गत वर्ष हुई घटना से सबक लेते हुए इस बार चार संवेदनशील स्थानों पर बेरीकेडिंग कर त्वरित कार्रवाई बल के साथ भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
पूरनपुर में भी पंरपरागत ढंग से निकला जुलूस
पूरनपुर। नगर के साबरी आहाता से जुलूस-ए-गौसिया परंपरागत ढंग से निकाला गया। जो ब्लाक रोड, स्टेशन रोड, शेरपुर रोड़ होते हुए शेरपुर रेलवे क्रासिंग के समीप खानकाहे रजविया में समाप्त हुआ। जुलूस में तकरीर करते हुए मौलाना फजले अहमद नूरी ने कहा कि सरकारे गौसे पाक की हकपरस्त नूरानी जिंदगी से सबको सबक लेना चाहिए। मौलाना शेर मोहम्मद मिस्वाही, मौलाना नूर मोहम्मद हसनी, हाफिज नूर अहमद रजा अजहरी, हाफिज उस्मान नूरी, हाफिज जकी खां नूरी आदि ने सरकार गौसे आजम के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला। जुलूस में मदरसा मखदूम अशरफ, मदरसा फैजाने साबिर के बच्चों ने भाग लिया। जूलूस में मोहम्मद मियां छोटे, हाजी लाडले, तौफीक अहमद कादरी, पूर्व प्रधान मेंहदी हसन, नोमान अली वारसी, नादिर रजा बरकाती, संजय खान, शकील सिद्दीकी, आकिल खां अजीजी, जमातुल्ला खां, जावेद नूरी, सलीम खां आदि शामिल रहे। उधर, जामा मस्जिद में बज्मे शाहे बरकातो रजा और आल इंडिया उलेमा मशाइख वोर्ड की ओर से जश्ने गौसे आजम मनाया गया। इमाम हाफिज मोहम्मद सलीम खां नूरी की देखरेख में हुए जश्ने गौस-ए-आजम की अध्यक्षता आल इंडिया उलेमा मशाइख वोर्ड के मंडलीय अध्यक्ष मौलाना साजिद हसनी कादरी ने की। इसमें गौसे आजम की जीवनी पर प्रकाश डाला गया।
शेरपुर में की गई मुल्क की सलामती की दुआ
शेरपुरकलां। जामा मस्जिद के पेशे इमाम हाफिज मोहम्मद रिजवान खलीली के नेतृत्व में जुलूसे गौसिया निकाला गया। जामा मस्जिद के मैदान से शुरू हतुआ जुलूस-ए-गौसिया प्रमुख सड़कों से होता हुआ पुन: उसी मैदान में पहुंचकर समाप्त हो गया। जुलूस के बाद सलातो सलाम पढ़ा गया व कौम व मुल्क के लिए दुआएं मांगी गई। इससे पहले जुलूस में उलमाओ ने गौसे आजम की शान में तकरीरें की और उनकी करामातों का जिक्र किया। जुलूस मेें कई मदरसों के बच्चों बच्चों के अलावा टीटीएस गु्र्रप के कार्यकर्ता मीनू बरकाती, बिल्लू खां, तौफीक खां, नदीम खां, सलमानअ खां, जीशान रजा, हाजी मोहब्बत खां, हाजी दूल्हा खां, मोहम्मद हयात खां, गुफरान खां, हाफिज नफीस अहमद, हाफिज आसिफ हसन, हाफिज महफूज हसन, हाफिज शहजादे आलम खां, मौलाना हशमत रजा, मौलाना सलीम खां, जैगम खां, अमान रजा खां आदि शामिल रहे।
जहानाबाद। कस्बे में जुलूस ए गौसिया बीच वाली मस्जिद से शुरू हुआ। जिसकी शुरुआत तिलावते कुरान से कारी जहूर अहमद ने की। जुलूस टाउन एरिया मार्केट होते हुए हाइवे, बाजार कटरा, पसियापुर बिलई होते हुए पुन: मस्जिद में पहुंचकर समाप्त हो गया। इस दौरान शौकत मियां हुजूर थाने वाले हजरत बदरूल हसन दादा मियां की मजारों पर फूलों की चादर पेश की गई। जुलूस में नगरपंचायत चेयरमैन एजाज अहमद, कारी शाकिर रजा, हाफिज समी उल्लाह, मौलाना अशफाक नूरी, महशर यार खां, अफरोज बेग, अबरार खां, राशिद खान सहित तमाम लोग शामिल हुए।
कचहरी में तक्सीम हुआ लंगर
पीलीभीत। 11वीं शरीफ पर कचहरी मस्जिद में नजर पेश की गई। लंगर तकसीम किया गया। इस मौके पर प्रभारी डीजीसी काजी रिफाकत हुसैन फरहान, मखदूम मियां, हाफिज रजवी, शकील अहमद, यूसुफ अली सिद्दीकी, नदीम कुरैशी, मोहत्शिम मलिक, इश्त्यिाक हुसैन, इजहार अशरफ कुरैशी, हाजी अशरफ कुरैशी मौजूद रहे।