कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया ने कहा कि जेलों मेें बंदियों की संख्या का दबाव कम करने के लिए नई जेलों और बैरकों का निर्माण कराया जाएगा। 70 साल से अधिक उम्र के कैदियों को रिहा कराने की पहल शुरू की जाएगी। मुलाकात की प्रक्रिया ऑन लाइन की जाएगी। हफ्ते में दो दिन के स्थान पर तीन दिन मुलाकात कराई जाएगी।
श्री रामूवालिया गुरुनानक इंटर कॉलेज में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जेलों के अंदर की व्यवस्थाएं ठीक की जा रही हैं। कैदियों की उनके परिवार वालों से फोन पर बात कराने की पहल शुरू की गई है। शुद्ध पेजयल के लिए 39 जेलों में आरओ लगवाए जा रहे हैं। सप्ताह में दो दिन होने वाली मुलाकात तीन दिन कराने का प्रयास किया जा रहा है। जेलों में मुलाकात के नाम पर होने वाली वसूली पर रोक लगाने के लिए ऑन लाइन मुलाकात की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि करीब सभी जेलों में क्षमता से अधिक बंदी हैं। हालांकि इसमें सजा पाने वाले कैदियों की संख्या कम है। क्षमता से अधिक कैदी होने पर जेलों में बैरकों का निर्माण कराया जाएगा। नई जेलों में बंदियों का ट्रांसफर किया जाएगा। प्रदेश में डेढ़ हजार से लेकर दो हजार कैदी सत्तर साल से अधिक आयु के हैं। इनको रिहा कराने की पहल शुरू की जाएगी। इसके लिए सभी पार्टी के विधायकों को पत्र लिखा जाएगा। महिला बंदियों के साथ हमदर्दी रखी जाए, इसके भी प्रयास होंगे। किसानों को फसल का पूरा दाम दिलाने का प्रयास सरकार कर रही है। इसके बाद कारागार मंत्री ने गुरुद्वारा श्री सिंह सभा पहुंचे और लंगर हाल की नींव रखी। गुरुद्वारा में गुरु गोविंद सिंह प्रकाशोत्सव समारोह में भी उन्होंने भाग लिया।