कुतुबे पीलीभीत हजरत अलहाज शाहजी मोहम्मद शेर मियां के 113वें उर्से पाक के बृहस्पतिवार को हुए कुल शरीफ में देशभर से जायरीन का सैलाब उमड़ा। दूरदराज से आए जायरीन की भारी भीड़ से शहर की सड़कें पटी रहीं। सज्जादानशीन हजरत मुन्ने मियां शेरी ने मुल्क में अमन-चैन व तरक्की के लिए दुआ फरमाई। उर्स के चलते बृहस्पतिवार को जिलेभर के सरकारी दफ्तरों व स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी रही।
बृहस्पतिवार सुबह कुल में शरीक होने के लिए देशभर के जायरीन का बुधवार रात से ही आने का सिलसिला शुरू हो गया था। बृहस्पतिवार को अल सुबह से ही जायरीन की भीड़ से शहर की सड़कें पट गईं। चप्पे-चप्पे पर शाहजी बाबा के फैज ओ करम की तलब लिए सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह करीब छह बजे कुरान ख्वानी हुई। इसके बाद पौने दस बजे कुलशरीफ की रस्म शुरू हुई। इस दौरान मुंबई, कोलकाता, फैजाबाद, आजमगढ़, बनारस, गाजीपुर, इलाहाबाद आदि दरगाहों के सज्जादानशीनों ने उर्से पाक के कुल में शिरकत की। दरबार ए शेरिया के सज्जादानशीन हजरत मुन्ने मियां शेरी ने कहा कि शाहजी बाबा को दुनिया से पर्दा किए 113 साल हो गए हैं। हम खुशनसीब हैं जो हमें शाहजी बाबा का 113वां उर्स मनाने की अल्लाह ने तौफीक दी। कुराने पाक की तिलावत के बाद शाहजी मियां का शिजरा पढ़ा गया। सज्जादानशीन ने कौम और मिल्लत के लिए दुआ की। इस दौरान बड़ी तादाद में जायरीन ने दरगाह शरीफ पर हाजिरी देकर शाहजी मियां को खिराजे अकीदत पेश की।
मामू मियां की मजार पर भी हुआ कुल
शाहजी बाबा के मामू हजरत नेमतुल्ला शाह मियां की दरगाह पर दोपहर एक बजे कुल शरीफ हुआ। यहां भी बड़ी तादाद में अकीदतमंदों ने शिरकत की।
जो जहां था वहीं ठहर गया
शहर में बृहस्पतिवार सुबह दरबार ए शेरिया की ओर जाने वाले सभी रास्ते कुल शरीफ शुरू होने से पहले ही खचाखच हो गए। कुल शरीफ शुरू होते ही जो जहां था वहीं ठहर गया। दरगाह के आसपास के घरों की छतें भी भरी रहीं।
चादरपोशी का सिलसिला रहा जारी
शाहजी बाबा के उर्से पाक में ऑल इंडिया उलेमा मशाइख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष अल्लामा सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी (किछौछा शरीफ) की ओर से मंडलीय बोर्ड के सरपरस्त मुफ्ती साजिद हसनी ने दरगाह शरीफ पर चादर पेश की। ऑल इंडिया तहरीक तहफ्फुज सुन्नियत बरेली की ओर मीनू बरकाती ने फूलों की चादर पेश की।
जगह-जगह हुई कुल की रस्म
उर्से पाक के मौके पर शहर की गली-गली में शाहजी बाबा के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। मोहल्ला भूरे खां, अशरफ खां, मुनीर खां, कबीरखां, मोहम्मद वासिल, शेरमोहम्मद, खुदागंज में लंगर हुए।
ट्रेनें-बसें भी रहीं फुल
कुल शरीफ में शिरकत करने भारी तादाद में जायरीन पहुंचे। इस वजह से रोडवेज बसों और ट्रेनों में खासी भीड़ रही।