शहर की शाही जामा मस्जिद में मंगलवार रात जश्ने उवैस करनी जलसा हुआ। जिसमें दूर दराज से आए उलेमाओं ने शब-ए-बारात की फजीलत और हजरत-ए-उवैस करनी पर रोशनी डाली। हजरत मौलाना गुलफाम रजा रामपुरी ने कहा कि आला हजरत ईमान की पहचान थे और आज भी पहचान हैं। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी इश्के रसूल में फनां कर दी।
मौलाना मोहत्शिम रजा ने भी अपनी नेक दुआओं से नवाजा। मनाजिर हुसैन बदायूंनी ने नातिया कलाम व सलाम पढ़कर लोगों को झूमने के लिए मजबूर कर दिया। अंत में शाही इमाम मौलाना इजहार अहमद खां बरकाती ने सभी को इंसानियत से नवाज देने की बात कही।
जलसे की सदारत खादी ग्रामोद्योग राज्यमंत्री हाजी रियाज अहमद ने की। इस मौके पर अब्दुल वली खां, मोहम्मद आरिफ, हाजी शाहिद इराकी, हाजी सखावत, राजबहादुर खां, राशिद मलिक, हाजी अकबर अंसारी, शमशेर अली मंसूरी, शाकिर अली, शाहिद वारसी, हाजी नाहिद खां, हाजी जफर शम्सी, सैय्यद शुएब अली, कलीम शम्सी, अबरार अंसारी, सैय्यद आसिफ अली कादरी, मेराज अनवर, शफीक कुरैशी आदि मौजूद रहे।
पूरनपुर। नगर सहित क्षेत्र में शब-ए-बारात शानो शौकत से मनाई गई। घरों में रोशनी की गई व फतेहा दिलाई गई। रात भर मस्जिदों, मजारों पर पहुंचने वालों का सिलसिला जारी रहा। मस्जिदों में विशेष नमाज़ हुई। मजारों पर लोगों ने पहुंचकर बुजुर्गों को याद किया और फातेहा दिलवाई।
शेरपुरकलां। यहां भी रात को घरों, मस्जिदों में इबादत हुई। मुल्क और कौम के लिए दुआएं मांगी गईं। पूरी रात चहल कदमी होती रही।