गजरौला/पीलीभीत। छेड़खानी को लेकर महिला के परिजनों की पिटाई से जिस युवक की मौत हुई उसके आचरण से गांव के लोग भी परेशान थे। ग्रामीणों का कहना है कि युवक अक्सर गांव की महिलाओं के साथ गलत हरकतें करता था। गजरौला थाने में उसके खिलाफ हत्या और दुष्कर्म के कई मामले दर्ज हैं। मगर, पीटकर आरोपी की हत्या करने को लोग गलत ठहरा रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि अनिल उर्फ छोटू महिला की हत्या के मामले में वर्ष 2019 में जेल जा चुका था। उसके खिलाफ कई बार दुष्कर्म की रिपोर्ट भी दर्ज हो चुकी थी। जेल जाने के बाद भी उसने हरकतें नहीं छोड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि वह अक्सर गांव की महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी करता था। लोगों के विरोध के बाद भी उसमें सुधार नहीं हुआ।
यही वजह रही कि बृहस्पतिवार को जब महिला के परिजन आरोपी को पीट रहे थे तो गांव वालों ने भी उसे नहीं बचाया। वहीं, परिजनों का कहना है कि वह युवक को सबक सिखाना चाहते थे, उन्हें यह अंदेशा नहीं था कि पिटाई से उसकी मौत हो जाएगी।
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छह घंटे गांव में होता रहा हंगामा पुलिस को नहीं लगी भनक
इस घटना में पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध है। महिला से छेड़खानी को लेकर शाम चार बजे से लेकर रात नौ बजे तक गांव में अफरा-तफरी मची रही। महिला के परिजन हाथ में लाठी-डंडे लेकर उसकी तलाश कर रहे थे मगर, पुलिस को इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। युवक को पकड़ने के बाद उसे काफी देर तक पीटा गया, इसके बाद भी पुलिस को जानकारी नहीं मिली। इसको लेकर ग्रामीण पुलिस की तत्परता पर भी सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर समय रहते पुलिस गांव पहुंचती तो यह घटना रोकी जा सकती थी।
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सात जून को जमानत पर आया था बाहरअनिल उर्फ छोटे छह भाई और बहनों में सबसे छोटा था। 10 माह जेल में रहने के बाद सात जून को ही वह जमानत पर छूटकर आया था।