पीलीभीत। विकासखंड मरौरी के गांव संडाह निवासी सात वर्षीय इच्छा देवी, जो जन्म से ही हृदय में छेद (कंजेनिटल हार्ट डिजीज) जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थी, अब पूरी तरह स्वस्थ है।
इच्छा देवी के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण उसका महंगा इलाज कराना संभव नहीं था। परिवार को यह भी जानकारी नहीं थी कि सरकार जन्मजात गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों के इलाज की पूरी व्यवस्था निशुल्क उपलब्ध कराती है। ऐसे में मासूम की जिंदगी उम्मीद और निराशा के बीच झूल रही थी।
इसी दौरान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीम प्राथमिक विद्यालय संडाह में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाने पहुंची। जांच के दौरान टीम में शामिल डॉ. खुशबू जमाल समेत आदि ने बच्ची की बीमारी की पहचान की। उन्होंने परिजनों को बीमारी की गंभीरता, उपचार की आवश्यकता और सरकार की ओर से उपलब्ध निशुल्क चिकित्सा सुविधा की पूरी जानकारी दी और उन्हें इलाज के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र (डीईआईसी) के सहयोग से उच्च चिकित्सा संस्थान भेजा गया। आरबीएसके टीम ने सभी आवश्यक जांचें कराकर उसे जेएन मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़ रेफर कराया। वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 9 जुलाई को सफलतापूर्वक हृदय की सर्जरी की। इलाज और ऑपरेशन का पूरा खर्च सरकार ने वहन किया।ऑपरेशन के बाद इच्छा देवी तेजी से स्वस्थ हुई और अब पूरी तरह सामान्य जीवन जी रही है। वह अन्य बच्चों की तरह पढ़ाई कर रही है और खेल-कूद में भी भाग ले रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बीसी पंत ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जन्मजात रोग, हृदय रोग सहित विभिन्न गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान कर उनका निशुल्क उपचार कराया जाता है। संवाद