जिले में मात्र तीन मृदा परीक्षण केंद्र होने के कारण अधिकांश किसान अपनी कृषि भूमि के नमूने की जांच नहीं करा पाते हैं। यही नहीं माइक्रो न्यूट्रिएंट्स की जांच की सुविधा न होने के कारण किसानों को इसकी जांच के लिए मंडल कार्यालय बरेली जाना पड़ता है। जिले खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिख कर जिले में सात और मृदा परीक्षण केंद्रों की स्थापना कराने की मांग की है।
राज्यमंत्री ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि जिले में कृषि योग्य भूमि का क्षेत्र 2,33,387 हेक्टेअर है। इस भूमि पर सवा दो लाख से अधिक किसान परिवार खेती कर अपनी जीविका चलाते हैं। बेहतर खेती के लिए मृदा परीक्षण पहली आवश्यकता बन चुका है। इसके आधार पर खेती करने पर ही किसान बेहतर उत्पादन कर सकता है। पत्र में कहा गया है कि जिले में पीलीभीत, पूरनपुर व बीसलपुर तहसील मुख्यालय पर ही मृदा परीक्षण केंद्र स्थापित हैं। इन परीक्षण केंद्रों की क्षमता वर्ष में 15 से 17 हजार नमूनों के परीक्षण की है। जो जिले में किसानों की संख्या को देखते हुए काफी कम है। जिले के सभी किसान मृदा परीक्षण करा उन्नत खेती करें इसके लिए जिले के सभी सात विकास खंड मुख्यालयों पर एक-एक और मृदा परीक्षण केंद्र स्थापित किए जाने की आवश्यकता है। पत्र में यह भी कहा गया है कि जिले में जो तीन मृदा परीक्षण केंद्र स्थापित हैं उनमे भी माइक्रो न्यूट्रिएंट्स की जांच की सुविधा नहीं है। इसके लिए किसानों को बरेली जाना पड़ता है। उन्होंने जिला मुख्यालय पर इसकी भी सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।