पीलीभीत। युवक ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर कोतवाली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया कि थाने में बंद करने के बाद उसका मोबाइल जमा कर लिया गया। यूपीआई पासवर्ड पता किया गया। चार दिन बाद जब किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से उसका मोबाइल मिला तो ऑनलाइन माध्यम से 68 हजार रुपये ट्रांसफर किए जाने की बात सामने आई।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शेर मोहम्मद निवासी जुल्फीकार नबी ने एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि 20 जून की दिन में 11 बजे वह जिला उद्योग केंद्र जा रहा था। नौगवां चौराहे पर आठ लोगों ने उसे पकड़कर मारपीट की। चाकू से प्रहार किए और जबरन कोतवाली ले गए। जहां पुलिस ने उसका मोबाइल जमा कर लिया और उसका यूपीआई पासवर्ड भी पूछा।
21 जून को तीन बजे तक कोतवाली में रखने के बाद उसका चालान कर दिया। उसे जमानत मिली। 25 जून को उसे कमल्ले चौराहा पर बुलाकर धर्मेंद नामक व्यक्ति के माध्यम से मोबाइल दिया। उसे पता चला कि उसके गूगल पे के माध्यम से अलग-अलग बार में 68 हजार रुपये बिना उसकी सहमति से धर्मेंद्र कुमार की यूपीआई आईडी में ट्रांसफर किए गए। एसपी ने मामले में जांच के निर्देश दिए हैं। संवाद