पीलीभीत। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत वाटर प्लांट लगाने के लिए लोन की उम्मीद लेकर जिला उद्योग केंद्र पहुंचे आवेदक को करीब 10 दिन तक टालमटोल का सामना करना पड़ा। काम आगे बढ़ाने के बजाय वरिष्ठ सहायक ने लोन स्वीकृत कराने के नाम पर पांच हजार रुपये की मांग कर दी। लगातार परेशान होने के बाद आवेदक ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद हुई कार्रवाई में वरिष्ठ सहायक को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
बरखेड़ा थाना क्षेत्र के बहादुरपुर हुक्मी निवासी सुरेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत वाटर प्लांट लगाने के लिए लोन का आवेदन किया था। पीड़ित का कहना है कि 10 अक्तूबर को जिला उद्योग केंद्र के वरिष्ठ सहायक हिमांशु कुमार से संपर्क करने के बाद भी उसे कई दिनों तक टालमटोल का सामना करना पड़ा। बाद में लोन स्वीकृत कराने के एवज में पांच हजार रुपये मांगे गए।
आवेदक ने रुपये देने में असमर्थता जताई, लेकिन मांग जारी रही। आखिरकार 22 अक्तूबर को सुरेंद्र कुमार ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन बरेली मंडल से शिकायत की। संगठन की टीम ने शिकायत का सत्यापन किया और आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। बुधवार दोपहर करीब 12:20 बजे जिला उद्योग केंद्र कार्यालय में टीम ने हिमांशु कुमार को पांच हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। सरकारी योजना के तहत लोन पाने के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति से रिश्वत मांगने के आरोप में हुई इस कार्रवाई ने जिला उद्योग केंद्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।