पीलीभीत। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना की प्रगति पर बैंकों की मनमानी भारी पड़ रही है। ऋण आवेदनों की स्वीकृति और वितरण में हीलाहवाली से आवेदक चक्कर काटने को मजबूर हैं। इकाई स्थापित नहीं हो पा रही हैं। यही वजह है कि जिला खिसककर 67वें स्थान पर पहुंच गया है। हालांकि एक जिला-एक उत्पाद की मार्जिन मनी और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की प्रगति सही है।
युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान संचालित है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को 1700 इकाइयों का लक्ष्य मिला। इस योजना में आवेदक को बिना गारंटी के पांच लाख रुपये तक ऋण स्वरोजगार इकाई के लिए मिलता है। जिले में सीएम युवा योजना रफ्तार नहीं पकड़ पा रही। इसका कारण बैंकों की मनमानी बताया जा रहा है।
बैंक, आवेदकों के ऋण आवेदनों को स्वीकृति तो कर नहीं रहे। समस्या से निरस्त या निस्तारण भी नहीं कर रहे। हाल यह है कि उपायुक्त उद्योग कार्यालय से जिले की 21 बैंक शाखाओं में 3839 आवेदन भेजे गए। अब तक सिर्फ 1229 आवेदन ही स्वीकृत हुए हैं। ऋण वितरण 1109 आवेदकों को किया गया है। उपायुक्त उद्योग आशीष गुप्ता ने बताया कि सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान की प्रगति सही नहीं है। इस संबंध में बैंकों से बात की जा रही है। अन्य योजनाओं की प्रगति बेहतर है।
इन बैंकों को भेजे गए इतने आवेदन
बैंक आवेदन स्वीकृत निरस्त लंबित
बैंक ऑफ बड़ौदा 1322 516 786 133
स्टेट बैंक 840 183 635 122
यूपी ग्रामीण बैंक 325 108 214 14
पंजाब नेशनल बैंक 336 97 241 29
बैंक ऑफ इंडिया 218 79 144 8
यूनियन बैंक 148 27 119 18
पंजाब एंड सिंध बैंक 148 44 86 25
ओडीओपी में टॉप-पांच और युवा स्वरोजगार में बेहतर स्थिति
एक जिला-एक उत्पाद मार्जिन मनी योजना में जिले की प्रगति बेहतर है। इस योजना में जिला टॉप-पांच में हैं। इस योजना में जिले का लक्ष्य सिर्फ 14 इकाई का था। बैंकों को 42 आवेदन भेजे गए। इनमें से 17 को स्वीकृति मिली। अब तक 14 आवेदकों को ऋण वितरित किया जा चुका है। वहीं मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार में जिले का लक्ष्य 123 इकाई का था। इस योजना में भी जिला अच्छे स्थान पर है। 108 लाभार्थियों को ऋण स्वीकृत किया जा चुका है।