पीलीभीत। पीटीआर के चूका बीच पर शारदा सागर डैम में बोट सफारी का रोमांच अब सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के साथ मिलेगा। नए पर्यटन सत्र में सैलानियों की सुरक्षा को लेकर पीलीभीत टाइगर रिजर्व प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मोटरबोट संचालन में लगे चालकों को एनडीआरएफ से प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसके लिए उन्हें गाजियाबाद भेजा जाएगा। वहीं, पर्यटन सत्र शुरू होने से पहले तीनों सफारी बोट का सिक्योरिटी ऑडिट भी कराया जाएगा।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में एक नवंबर से नया पर्यटन सत्र शुरू होना है। चूका बीच पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। यहां शारदा सागर डैम में तीन सफारी बोट संचालित होती हैं। पिछले पर्यटन सत्र में बोट सफारी को सैलानियों का अच्छा रिस्पांस मिला था। इस बार पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने बोट संचालन में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला लिया है।
इसके तहत मोटरबोट चालकों को सामान्य संचालन के साथ आपात परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा। इसके लिए चालकों को गाजियाबाद भेजा जाएगा, जहां एनडीआरएफ के विशेषज्ञ उन्हें प्रशिक्षण देंगे। एनडीआरएफ से इस संबंध में बातचीत हो चुकी है। उनकी व्यस्तता कम होते ही चालकों को प्रशिक्षण के लिए भेजने की तैयारी है। बोट सफारी में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। प्रत्येक पर्यटक के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होगा। बिना लाइफ जैकेट किसी भी पर्यटक को बोट में सवार नहीं होने दिया जाएगा। तेज हवा या मौसम खराब होने की स्थिति में बोट संचालन तत्काल रोक दिया जाएगा।
तीन बोट का होगा सुरक्षा ऑडिट
चूका बीच पर संचालित तीन सफारी बोट में एक वन निगम और दो पुरैना इको विकास समिति की हैं। पर्यटन सत्र शुरू होने से पहले सभी बोट का अनिवार्य सिक्योरिटी ऑडिट कराया जाएगा। बोट की सुरक्षा व्यवस्था, जरूरी उपकरण और संचालन से जुड़े मानकों की जांच के बाद ही इन्हें पर्यटकों के लिए संचालित किया जाएगा। हाल में मध्य प्रदेश में बोटिंग के दौरान हुए हादसे के बाद सुरक्षा इंतजामों को लेकर प्रशासन और गंभीर हुआ है।
वर्जन-
मोटरबोट चालकों के प्रशिक्षण को लेकर एनडीआरएफ से बातचीत हो चुकी है। उनकी व्यस्तता कम होते ही चालकों को प्रशिक्षण के लिए गाजियाबाद भेजा जाएगा। हमारा प्रयास है कि पर्यटकों को सुरक्षित माहौल में बेहतर बोट सफारी का अनुभव मिले।
- मनीष सिंह ,डीएफओ पीटीआर