सुनगढ़ी क्षेत्र की रामवाटिका कॉलोनी में हुई वारदात, औपचारिकता निभाकर लौटी पुलिस
पीलीभीत। त्योहारों के बीच पुलिस अधिकारी सख्त सुरक्षा बंदोबस्त का दावा करते रह गए और चोरों ने रामलीला रोड पर एक ही कॉलोनी के तीन मकानों से लाखों का सामान चुरा लिया। तीनों घरों में मेनगेट का ताला तोड़कर चोर भीतर घुसे और नकदी-जेवरात चोरी कर ले गए। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मौका मुआयना कर औपचारिकता निभाई। पीड़ितों का कहना है कि चोरों के बारे में सुरागरसी करने के बजाए घटना को दबाने में पुलिस का अधिक जोर दिया।
चोरी की तीनों घटनाएं रामवाटिका कॉलोनी में हुईं। पेस्टीसाइड कंपनी में काम करने वाले नरेंद्र कुमार जैन, पत्नी पारूल और बेटे आशीष के साथ 14 नवंबर को रिश्तेदारी में उत्तराखंड के पंतनगर गए थे। मेनगेट का ताला तोड़कर चोर मकान में प्रवेश कर गए। इसके बाद दो कमरों के ताले तोड़कर सामान खंगाला। लोहे की अलमारी को जमीन पर फेंक दिया। यहां से चोर दो लाख रुपये, 12 तोला सोने के जेवरात और ढाई किलो चांदी चोरी कर ले गए।
दूसरी घटना यहां से महज 100 मीटर दूर स्थित कृषि विभाग कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक राजपाल के घर हुई। उन्होंने बताया कि वह भी 14 नवंबर को पत्नी मीना देवी और दो बच्चों संग मकान को ताला लगाकर पूरनपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव भैंरोकलां अपनी ससुराल गए थे। इनके मकान में भी चोर मेनगेट का ताला तोड़कर भीतर घुसे और कमरों में रखी अलमारी के ताले तोड़कर सामान खंगाला। यहां से चोर 20 हजार रुपये और एक तोला सोने के जेवरात चुरा ले गए।
तीसरी घटना ठीक सामने रहने वाले प्राइवेट शिक्षक राजेश गंगवार के घर हुई। वह रविवार दोपहर 12 बजे पत्नी और दो बच्चों के साथ मकान में ताला लगाकर पैतृक मकान बरखेड़ा क्षेत्र के बहादुरपुर हुक्मी गांव गए थे। वहां पर पिता समेत अन्य परिवार वाले रहते हैं। मेनगेट समेत मकान में चार ताले तोड़कर चोर पांच तोला सोने के जेवरात और 15 हजार रुपये समेट ले गए। घटना की सूचना तीनों परिवारों को सोमवार की सुबह पड़ोसियों ने सूचना दी। सीओ सिटी वीरेंद्र विक्रम, इंस्पेक्टर सुनगढ़ी अतर सिंह पुलिस बल के साथ मौका मुआयना करने पहुंचे। मगर कार्रवाई औपचारिकताओं में सिमटी रही।
न डॉग स्कवायड बुलाया, न फील्ड यूनिट टीम, पुलिस ने बनाया संयुक्त तहरीर का दबाव
पीलीभीत। एक ही कॉलोनी में तीन मकानों में लाखों की चोरी होने के बाद पुलिस भले ही पीड़ितों को जल्द खुलासे का आश्वासन देती रही हो, मगर सिपाही से लेकर अफसर सभी का ध्यान क्राइम कंट्रोल को आंकड़ेबाजी करने में अधिक रहा।
सीओ सिटी की मौजूदगी में पुलिसकर्मी तीनों परिवारों पर अलग-अलग तहरीर देने के बजाए संयुक्त तहरीर देने का दबाव बनाते रहे। इसे लेकर पुलिस को विरोध भी झेलना पड़ा। सभी ने अलग-अलग तहरीर देने की बात कह दी थी। इस पर पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई का आश्वासन दे दिया। दरअसल, अलग-अलग तहरीर मिलने पर तीन मुकदमे दर्ज किए जाते, ऐसे एक ही चोरी दिखा दी जाती। जनपद में पुलिस के पास दो सर्च डॉग शासन से मिले हैं। फील्ड यूनिट टीम भी मौजूद है। लाखों की चोरी के बाद भी पुलिस ने न तो फील्ड यूनिट टीम बुलाई, न ही डॉग स्क्वायड, जबकि सीओ खुद मौके पर गए थे। इंस्पेक्टर सुनगढ़ी अतर सिंह का कहना था कि घटनास्थल पर डॉग स्क्वायड और फील्ड यूनिट बुलाने की जरूरत नहीं थी। सर्विलांस टीम को बुला लिया गया था।
सीसीटीवी को कर दिया ऊपर की तरफ
पीड़ित नरेंद्र कुमार जैन के पड़ोस वाले मकान में सीसीटीवी लगा है। इसका मुंह उनके मेनगेट की तरफ था। चोरों ने घटना के दौरान सीसीटीवी से भी छेड़छाड़ की। उसका मुंह ऊपर की तरफ मोड़ दिया था। फुटेज में दो युवकों की तस्वीर भी कैद हुई है। पुलिस ने छानबीन के लिए फुटेज कब्जे में ली है।
चौकीदार की कार्यशैली पर भी जताया संदेह
रामवाटिका कॉलोनी में रखवाली के लिए एक चौकीदार है। तीनों परिवार घर बंद करके जब गए थे तो चौकीदार को बताकर गए थे। यह भी कहा था कि घर की तरफ चक्कर लगाते रहना। बावजूद इसके घटना हो गई। ऐसे में चौकीदार की कार्यशैली पर भी कॉलोनीवासी और पीड़ित संदेह जताते रहे।
सूचना पहुंची तो सांसद ने भी भेजी अपनी टीम
कॉलोनी के तीन घरों में हुई चोरी की सूचना सांसद वरुण गांधी को एक पीड़ित के रिश्तेदार ने दी। कुछ देर बाद ही सांसद ने अपने प्रतिनिधि के तौर पर संसदीय कार्यालय की टीम को मौके पर भेजकर घटनाओं की जानकारी कराई। साथ ही पुलिस कार्रवाई का भी आश्वासन दिलाया।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर गई थी। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। टीमें सुरागरसी कर रही है, सभी घटनाओं का जल्द खुलासा किया जाएगा।
- जयप्रकाश, एसपी